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Koderma Market Inflation Effect On Wedding Shopping: पुरुषोत्तम मास के बाद शादी का सीजन शुरू हो गया है लेकिन महंगाई की मार ने ग्राहकों की संख्या काफी घटा दी है. एलपीजी, पेट्रोल डीजल महंगे होने से चूड़ी, कॉस्मेटिक, बर्तन, कपड़ों के दाम 20-30 फीसदी तक बढ़े हैं. लोग कम शॉपिंग कर रहे हैं और जो कर भी रहे हैं वो कम रेंज का सामान खरीद रहे हैं.
कोडरमा. करीब एक महीने तक चले पुरुषोत्तम मास की समाप्ति के बाद एक बार फिर विवाह समारोहों का शुभ मुहूर्त शुरू हो गया है. बाजारों में शादी-विवाह की तैयारियां तो शुरू हो गई हैं. लेकिन इस बार लोगों को महंगाई की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. कोडरमा के बाजार में शादी-विवाह में उपयोग होने वाले कपड़े, बर्तन, कॉस्मेटिक और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बढ़ती कीमतों का असर न केवल ग्राहकों के बजट पर पड़ा है, बल्कि दुकानदारों के कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है.
कीमतें बढ़ने पर ब्रांडेड छोड़कर कम रेंज वाले सामान खरीद रहे लोग
स्टेशन रोड स्थित कॉस्मेटिक दुकान के संचालक मदन मोहन प्रसाद ने विशेष बातचीत में बताया कि पिछले कुछ महीनों में एलपीजी की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर चूड़ी उद्योग पर पड़ा है. चूड़ी निर्माण में बड़ी मात्रा में एलपीजी का उपयोग किया जाता है, जिसके कारण प्लेन और फैंसी चूड़ियों की कीमतें बढ़ गई हैं. उन्होंने बताया कि जो चूड़ी का डिब्बा पहले ग्राहकों को 30 रुपये में बेचा जाता था, वही अब दुकानदारों को लगभग उसी कीमत पर होलसेल में मिल रहा है.
नहीं आ रहे ग्राहक
फिलहाल ग्राहकों को पुरानी कीमत पर सामान उपलब्ध कराया जा रहा है. लेकिन आने वाले दिनों में कीमत बढ़ने की पूरी संभावना है. उन्होंने बताया कि केवल चूड़ियां ही नहीं, बल्कि अधिकांश कॉस्मेटिक उत्पादों की कीमतों में भी लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इसका असर बाजार में ग्राहकों की संख्या पर दिखाई दे रहा है.
पहले जहां शादी के सीजन में दुकानों पर भीड़ लगी रहती थी, वहीं अब दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले लोग ब्रांडेड और बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद खरीदते थे, लेकिन अब ग्राहक कम कीमत और मीडियम रेंज के सामान को प्राथमिकता दे रहे हैं.
शादी-विवाह में दिए जाने वाले बर्तन सेट की कीमतों में भी हुई बढ़ोतरी
वहीं बर्तन व्यवसायी मनोज कुमार ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण परिवहन खर्च बढ़ा है, जिससे स्टील, एल्यूमिनियम, कांसा और पीतल के बर्तनों की कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है. उन्होंने बताया कि छह महीने पहले जो बर्तन पीस 800 रुपये में उपलब्ध था, उसकी कीमत अब 1200 रुपये तक पहुंच गई है. इसी तरह 2000 रुपये में मिलने वाला बर्तन अब 2500 रुपये में बिक रहा है.
बढ़ गए हैं दाम
उन्होंने बताया कि शादी में उपहार स्वरूप दिए जाने वाले स्टील बर्तन सेट, जो पहले 4 से 5 हजार रुपये में मिल जाते थे, उनकी कीमत अब 6 से 7 हजार रुपये हो गई है. वहीं कांसा के बर्तन का एक सेट, जो पहले 12 से 13 हजार रुपये में आता था, अब 15 से 16 हजार रुपये तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि लोग अब जरूरत के अनुसार सीमित खरीदारी कर रहे हैं और बाजार में खरीदारों की संख्या भी पहले की तुलना में कम हो गई है.
कपड़ों की कीमतों में भी बढ़ोतरी, दुकानों पर कम पहुंच रहे हैं ग्राहक
कपड़ा व्यवसायी मोंटी जैन ने बताया कि ट्रांसपोर्टेशन चार्ज, फैब्रिक की कीमत और मजदूरी बढ़ने से कपड़ों की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है. उन्होंने बताया कि जो लहंगा पहले 15 से 16 हजार रुपये में बिकता था, उसकी कीमत अब 25 से 28 हजार रुपये तक पहुंच गई है. महंगाई के कारण ग्राहकों की खरीदारी क्षमता प्रभावित हुई है और इसका असर कपड़ा बाजार में साफ दिखाई दे रहा है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें