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म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर एक भारतीय युवक को बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है. 70 हजार रुपये की सैलरी, सभी सुविधाएं, हवाई जहाज से आना ऐसा लालच देकर बुलाया गया था. यह युवक अकेला नहीं है, बल्कि उसके साथ महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों के 25 से 30 लड़के भी इस गोल्डन ट्रायंगल’ के जाल में फंसे हुए हैं.
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महाराष्ट्र के बीड जिले के नांदुरघाट का रहने वाला ग्राफिक डिजाइनर स्वप्निल कालुंके अच्छी नौकरी का सपना लेकर बैंकॉक (थाईलैंड) के लिए रवाना हुआ था. फेसबुक पर एक नौकरी का विज्ञापन में 70 हजार रुपये महीने की सैलरी और मुफ्त हवाई टिकट का वादा किया गया था. लेकिन बैंकॉक पहुंचते ही उसकी जिंदगी एक डरावने जाल में फंस गई. फोन पर बात करते हुए युवक ने जो दास्तां सुनाई है उसे सुन किसी की भी रूह कांप जाएगी.
ये है पूरा मामला
बीड के नांदुरघाट का रहने वाला स्वप्निल कालुंके एक ग्राफिक डिजाइनर है. उसने फेसबुक पर बैंकॉक में एक नौकरी का विज्ञापन देखा. विज्ञापन में व्हाट्सएप नंबर दिया गया था. इसमें उसे 70 हजार रुपये प्रति महीन तनख्वाह का लालच दिया. उसे ये भी बताया गया कि आने जाने के लिए हवाई टिकट देने का लालच दिया गया. इस झांसे में आकर स्वप्निल 4 जून को पुणे से हवाई जहाज द्वारा बैंकॉक के लिए रवाना हो गया.
बैंकॉक पहुंचते ही अपहरण
बैंकॉक हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद स्वप्निल को लेने के लिए एक गाड़ी आई. गाड़ी में बैठते ही अज्ञात लोगों ने उसके सिर पर बंदूक तान दी. उसके बाद पासपोर्ट छीन लिया. बंदूक की नोंक पर डराकर उसे कुछ भी बोलने का मौका नहीं दिया गया. जंगलों के रास्ते 2 से 3 दिन का सफर तय करके उसे जबरन म्यांमार ले जाया गया.
गोल्डन ट्रायंगल का क्रूर जाल
स्वप्निल को म्यांमार-थाईलैंड बॉर्डर ‘गोल्डन ट्रायंगल’ इलाके में बंधक बनाकर रखा गया है. गोल्डन ट्रायंगल इसी तरह की घटनाओं के लिए कुख्यात है. वहां उसे और अन्य युवाओं को जबरन ऑनलाइन स्कैम का काम करने के लिए मजबूर किया जाता है. काम करने से मना करने पर बंधकों को बुरी तरह पीटा जाता है. उसे बिजली के झटके दिए जाते हैं. स्वप्निल ने बताया कि बात न मानने पर बिहार के एक लड़के की पीट-पीटकर हत्या भी कर दी गई.
हजारों युवाओं के फंसे होने का दावा
स्वप्निल ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए अपने परिवार को बताया कि वहां करीब 700 से 800 भारतीय लड़के फंसे हुए हैं. इनमें से 500 से 600 एक ही जगह पर हैं. इन बंधकों में महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों जैसे बीड, नासिक, धाराशिव, चालीसगांव और ठाणे के करीब 20 से 30 लड़के शामिल हैं. इन सभी को डेटा एंट्री और सोशल मीडिया डिजाइनिंग के बहाने वहां ले जाया गया था.
सुरक्षा को लेकर कोड वर्ड और डर
स्वप्निल ने अपने परिवार को सख्त हिदायत दी है कि वे उसे अपनी तरफ से कभी फोन न करें. उसने कहा कि वह खुद फोन करेगा तभी उठाएं. उसने एक कोड भी बताया कि अगर वह फोन पर बात करते हुए गाली देने लगे, तो समझ जाना कि वह किसी के दबाव में बोल रहा है. वहां जरा सी भी गलती होने पर जान से मार देने का सीधा खतरा बना हुआ है.
पुलिस और सरकार की कार्रवाई
स्वप्निल के व्हाट्सएप कॉल के बाद उसका परिवार बेहद डरा हुआ है. बीड साइबर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है. बीड पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के बाद महाराष्ट्र पुलिस, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी एक्टिव हो गई है. म्यांमार में मौजूद भारतीय दूतावास को पत्र भेजा गया है. भारत सरकार अब म्यानमार सरकार के साथ मिलकर इन युवाओं को छुड़ाने के लिए एक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की तैयारी कर रही है.
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