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NEET UG 2026 Answer Key Objection Process: नीट आंसर की पर उठाया...


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NEET UG 2026 Answer Key Objection Process: एनटीए नीट यूजी आंसर की पर आई आपत्तियों को कैसे निपटाता है? जानिए इस बार नीट यूजी रिजल्ट जल्दी जारी करने के लिए प्रक्रिया में क्या बदलाव किए गए हैं. एक्सपर्ट्स की कमेटी और AI तकनीक कैसे काम करेगी?

नीट आंसर की पर उठाया सवाल? यह कमेटी करेगी दावों का फैसला, जल्दी आएगा रिजल्टZoom

NEET UG 2026 Answer Key: विशेष कमेटी नीट यूजी आंसर की पर आईं आपत्तियों का निस्तारण करती है

नई दिल्ली (NEET UG 2026 Answer Key). नीट यूजी खत्म होते ही उम्मीदवारों की धड़कनें तेज हो जाती हैं. नीट यूजी परीक्षा के बाद प्रोविजनल आंसर की जारी होती है. फिर उस पर आपत्तियां दर्ज कराई जाती हैं. कई बार 1-1 सवाल पर अभ्यर्थियों का भविष्य टिका होता है. नीट यूजी आंसर की को चैलेंज करने की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील होती है. अभ्यर्थी एनटीए की वेबसाइट पर 200 रुपये प्रति सवाल की फीस देकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन आपत्तियों पर एक्शन कैसे होता है?

इस बार यानी 2026 में एनटीए पर नीट यूजी रिजल्ट जल्दी जारी करने का दबाव है. पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए इस साल पूरी प्रक्रिया को स्पीड देने के लिए कुछ तकनीकी बदलाव किए गए हैं. इससे अभ्यर्थियों को नीट यूजी रिजल्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और काउंसलिंग समय पर शुरू हो सकेगी. जानिए एनटीए नीट यूजी आंसर की पर आईं आपत्तियों का निपटारा कैसे करता है और इस बार रिजल्ट जल्दी जारी करने के लिए सिस्टम में क्या बदलाव किया गया है.

सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की ‘सुपर-कमेटी’ करती है फैसला

जब अभ्यर्थी किसी सवाल का जवाब चैलेंज करते हैं तो NTA खुद फैसला नहीं लेता. इसके लिए देश के टॉप प्रोफेसर्स और सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की स्पेशल कमेटी बनाई जाती है. अभ्यर्थियों की तरफ से भेजे गए सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स, NCERT की किताबों के रेफरेंस और तर्कों को इस कमेटी के सामने रखा जाता है. यह पैनल हर आपत्ति की समीक्षा करता है. अगर एक्सपर्ट्स को लगता है कि अभ्यर्थी का दावा 100 फीसदी सही है तो आंसर की अपडेट की जाती है. किसी एक छात्र की आपत्ति सही पाए जाने पर उसका फायदा परीक्षा देने वाले उन सभी छात्रों को मिलता है, जिन्होंने वह विकल्प चुना था.

नई एआई तकनीक से तेज हुई स्क्रूटनी

नीट यूजी रिजल्ट को बिना किसी देरी के जारी करने के लिए एनटीए ने री-चेकिंग और स्क्रूटनी प्रोसेस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड सॉफ्टवेयर का सहारा लिया है. पहले आपत्तियों का डेटा मैन्युअली कलेक्ट और कैटेगराइज करने में काफी वक्त बर्बाद होता था. वहीं इस साल एआई टूल्स की मदद से समान प्रकार की आपत्तियों को पलक झपकते ही अलग-अलग ग्रुप्स में बांट दिया जाता है. इससे एक्सपर्ट कमेटी का कीमती समय बचता है और वे विवादित सवालों के सही समाधान पर फोकस कर पाते हैं.

पैरेलल प्रोसेसिंग: डबल स्पीड में हुआ काम

2026 की प्रक्रिया में किया गया सबसे बड़ा बदलाव ‘पैरेलल प्रोसेसिंग’ का है. पुरानी व्यवस्था में चैलेंज विंडो बंद होने के बाद ही एक्सपर्ट्स अपना काम शुरू करते थे. लेकिन इस बार एनटीए ने जैसे ही आपत्ति विंडो खोली, वैसे ही रोजाना आने वाले चैलेन्जेस को रियल-टाइम में एक्सपर्ट कमेटी के पास भेजना शुरू कर दिया.. यानी छात्र अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे थे और दूसरी तरफ एक्सपर्ट्स उनकी जांच में जुटे थे. इस ‘डबल-स्पीड’ काम की वजह से विंडो बंद होने के महज 48 से 72 घंटों के अंदर फाइनल रिव्यू तैयार करने का टारगेट रखा गया है.

फाइनल आंसर की और बिना देरी के रिजल्ट

एक्सपर्ट कमेटी की हरी झंडी मिलने के बाद एनटीए नीट फाइनल आंसर की तैयार करता है. इस फाइनल की के आधार पर ही ओएमआर शीट्स का मूल्यांकन किया जाता है. इस बार आपत्तियों का निपटारा और ओएमआर स्कैनिंग का मिलान साथ-साथ बैकएंड पर चलता रहा. इसलिए फाइनल आंसर की जारी होने के तुरंत बाद नीट यूजी रिजल्ट घोषित करने का रास्ता साफ हो जाता है. एनटीए की इस नई और चुस्त-दुरुस्त स्ट्रैटेजी से इस बार मेडिकल के होनहारों का इंतजार काफी कम होने वाला है.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें



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