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VTU Engineering Result 2026: कर्नाटक की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी ने इतिहास रच दिया है. यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग छठे सेमेस्टर के एग्जाम खत्म होने के महज 5 मिनट के अंदर रिजल्ट जारी कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. जानिए यह कैसे हुआ.
VTU Engineering Result 2026: वीटीयू ने परीक्षा खत्म होने के बाद 5 मिनट में रिजल्ट जारी कर दिया
नई दिल्ली (VTU Engineering Result 2026). आमतौर पर कॉलेज या यूनिवर्सिटी के एग्जाम खत्म होने के बाद रिजल्ट के लिए हफ्तों या महीनों का लंबा इंतजार करना पड़ता है. लेकिन कर्नाटक की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी ने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसे सुनकर पहली बार में किसी को यकीन नहीं होगा. यूनिवर्सिटी ने बीई और बीटेक (BE/BTech) के छठे सेमेस्टर की परीक्षा खत्म होने के मात्र 5 मिनट के अंदर पूरे राज्य का रिजल्ट घोषित कर रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है.
इस ऐतिहासिक कामयाबी ने हर किसी को चौंका दिया है. साथ ही डिजिटल इवैल्युएशन की ताकत को भी दुनिया के सामने साबित किया है. मंगलवार को शाम 5:30 बजे जैसे ही प्रैक्टिकल एग्जाम खत्म हुए, ठीक 5:35 बजे यूनिवर्सिटी ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर रिजल्ट लाइव कर दिए. 60,856 स्टूडेंट्स ने यह परीक्षा दी थी. इनका कुल पासिंग प्रतिशत 76.84% रहा. जानिए इस नामुमकिन से दिखने वाले काम को वीटीयू ने कैसे मुमकिन कर दिखाया.
शाम 5:30 पर छूटा पेपर, 5:35 पर मार्कशीट हाथ में
यह कोई जादुई कहानी नहीं, बल्कि पुख्ता प्लानिंग का नतीजा है. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर एस. विद्याशंकर और रजिस्ट्रार प्रोफेसर यू.जे. उज्ज्वल ने संयुक्त रूप से रिजल्ट जारी किया. परीक्षा का आखिरी प्रैक्टिकल एग्जाम मंगलवार शाम ठीक 5:30 बजे खत्म हुआ था. स्टूडेंट्स अभी एग्जामिनेशन सेंटर से बाहर निकलकर अपने घर भी नहीं पहुंचे थे कि ठीक 5:35 बजे उनके मोबाइल स्क्रीन पर रिजल्ट का लिंक फ्लैश होने लगा. इस सुपरफास्ट स्पीड ने हर किसी को चौंका दिया.
आखिर 5 मिनट में रिजल्ट कैसे तैयार हुआ?
हजारों इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स का रिजल्ट इतनी जल्दी तैयार करना आसान नहीं था. वीटीयू के अधिकारियों ने बताया कि इसके पीछे ‘डिजिटल इंटीग्रेशन’ का हाथ है. दरअसल, छठे सेमेस्टर की थ्योरी परीक्षाएं 18 मई से 17 जून के बीच ही पूरी हो चुकी थीं. वीटीयू डिजिटल मार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल करता है. दरअसल, थ्योरी के पेपर पहले ही ऑनलाइन चेक हो चुके थे. यूनिवर्सिटी ने सभी आंसर शीट्स स्कैन करके प्रोफेसर्स को भेज दी थीं. उन्होंने कॉपियां चेक करके हफ्तों पहले ही नंबर मेन सॉफ्टवेयर में लॉक कर दिए थे.
प्रैक्टिकल खत्म होते ही सॉफ्टवेयर ने दबाया बटन
असली खेल आखिरी चरण यानी प्रैक्टिकल परीक्षाओं में हुआ, जो 18 जून से 30 जून तक चलीं. यूनिवर्सिटी ने इंटरनल और बाहरी परीक्षकों को सख्त निर्देश दिए थे कि जैसे ही कोई स्टूडेंट अपना लैब एग्जाम और वाइवा खत्म करे, उसके नंबर तुरंत वीटीयू के डिजिटल पोर्टल पर लाइव अपलोड कर दिए जाएं. मंगलवार शाम को जैसे ही घड़ी में 5:30 बजे और आखिरी स्टूडेंट के मार्क्स पोर्टल पर एंटर हुए, यूनिवर्सिटी के एडवांस सॉफ्टवेयर ने थ्योरी और प्रैक्टिकल के नंबर कंपाइल करके महज 5 मिनट में फाइनल मार्कशीट तैयार कर दी.
प्लेसमेंट और करियर को मिलेगा बूस्ट
वीटीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर विद्याशंकर ने कहा कि इंजीनियरिंग रिजल्ट में देरी से स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट और आगे की पढ़ाई का शेड्यूल प्रभावित होता था. इसी मानसिक तनाव को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया. इस बार पिछले शैक्षणिक वर्ष के मुकाबले पूरा इवैल्युएशन चक्र 21 दिन पहले ही पूरा कर लिया गया. यूनिवर्सिटी के इस बेहतरीन कदम से स्टूडेंट्स बेहद खुश हैं और इसे डिजिटल इंडिया की शानदार मिसाल मान रहे हैं.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें