Jharkhand recruitment exams cancelled: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब बड़े सरकारी फैसले में बदल गया है. भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, अनियमितता और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर छात्र लंबे समय से विरोध कर रहे थे. इसी बीच राज्य सरकार ने JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है. अब कार्मिक एवं राजभाषा विभाग ने इससे जुड़ी विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है. इसमें कुछ परीक्षाओं को रद्द किया गया है कुछ को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है और कई पुरानी परीक्षाओं की जांच CID को सौंपी गई है.
सरकार के फैसले के मुताबिक 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द की गई हैं.6 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है और 17 पुरानी भर्ती परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच CID से कराने का निर्णय लिया गया है.इस तरह JPSC और JSSC की भर्ती व्यवस्था से जुड़ी बड़ी संख्या में परीक्षाएं अब सरकार की कार्रवाई के दायरे में हैं.
आखिर झारखंड में किस बात को लेकर हुआ था आंदोलन?
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे. छात्रों की मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई की थी. परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पेपर से जुड़ी शिकायतों को लेकर छात्रों का सरकार और संबंधित भर्ती आयोगों के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ रहा था.इस आंदोलन में JPSC और JSSC की परीक्षाओं के साथ-साथ परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी TDPL की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए. छात्रों की मांग थी कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो.आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी भूख हड़ताल की थी. सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद उन्होंने अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल खत्म की और इसे छात्रों की बड़ी जीत बताया.
CID जांच के बाद सरकार का बड़ा फैसला
राज्य सरकार के कार्मिक एवं राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि JPSC द्वारा आयोजित और TDPL के माध्यम से संपादित वर्तमान परीक्षाओं में अनियमितता की शिकायतों के संबंध में CID जांच चल रही थी. इस जांच के दौरान सरकार के सामने लाए गए तथ्यों की पृष्ठभूमि में संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया है.सरकार ने सिर्फ हाल में हुई परीक्षाओं पर ही कार्रवाई नहीं की है. कुछ ऐसी परीक्षाएं भी जांच के दायरे में लाई गई हैं जो कई साल पहले आयोजित हुई थीं.
कौन-कौन सी परीक्षाएं रद्द की गईं?
सरकार ने झारखंड के विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती वाली परीक्षा को रद्द कर दिया है. यह भर्ती विज्ञापन संख्या 09/2025 के तहत थी.इसी तरह असिस्टेंट डायरेक्टर/ सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर की बैकलॉग भर्ती, विज्ञापन संख्या 10/2025 और असिस्टेंट डायरेक्टर/सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर की नियमित भर्ती, विज्ञापन संख्या 11/2025 को भी रद्द कर दिया गया है.ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती विज्ञापन संख्या 12/2025 के तहत आयोजित की गई थी और इसे भी रद्द करने का फैसला लिया गया है.सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफसर की बैकलॉग भर्ती, विज्ञापन संख्या 02/2026 को भी रद्द किया गया है. इसके अलावा सरकारी पॉलिटेक्निक और गर्वनमेंट वूमेंस पॉलिटेक्निक में लेक्चरर की बैकलॉग भर्ती विज्ञापन संख्या 03/2026 और नियमित भर्ती विज्ञापन संख्या 04/2026 को भी रद्द कर दिया गया है.मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के सुपर स्पेशलिस्ट डिपार्टमेंट की भर्ती विज्ञापन संख्या 07/2026 को भी रद्द किया गया है.इसके अलावा फूड सेफटी ऑफिसर की भर्ती विज्ञापन संख्या 18/2023, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर की भर्ती विज्ञापन संख्या 21/2023 और कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन 2023 यानी विज्ञापन संख्या 01/2024 को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है.सरकार की ओर से जारी पूरी सूची में कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने की बात सामने आई है.
JSSC-CGL भी रद्द, 1,975 चयनित अभ्यर्थियों पर असर
इस पूरे विवाद में JSSC-CGL सबसे ज्यादा चर्चा में रही है. सरकार ने JSSC-CGL की चयन प्रक्रिया को भी रद्द कर दिया है. इसके जरिए करीब 1,975 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था. ऐसे में इन अभ्यर्थियों की नौकरी और आगे की स्थिति को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.अब इन अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार आगे क्या रास्ता अपनाएगी. क्या दोबारा परीक्षा कराई जाएगी, क्या पुराने अभ्यर्थियों को कोई अतिरिक्त मौका मिलेगा या उम्र में किसी तरह की छूट दी जाएगी, यह अभी आगे के सरकारी फैसले से स्पष्ट होगा.
छह परीक्षाएं रद्द नहीं, अगले आदेश तक रहेंगी स्थगित
सरकार ने छह परीक्षाओं को सीधे रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक स्थगित रखने का फैसला किया है. इन परीक्षाओं की प्रारंभिक प्रक्रिया TDPL के अलावा किसी दूसरी एजेंसी से कराई गई थी.इन परीक्षाओं में फूड एनालिस्ट की भर्ती विज्ञापन संख्या 05/2024 के तहत,डिप्टी डायरेक्टर,प्रोसेक्यूशन की भर्ती विज्ञापन संख्या 03/2025 के तहत और प्रोजेक्ट मैनेजर एवं समकक्ष पदों की भर्ती विज्ञापन संख्या 04/2025 के तहत शामिल है.इसके अलावा इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज की भर्ती विज्ञापन संख्या 01/2025, बॉयलर इंस्पेक्टर की भर्ती विज्ञापन संख्या 02/2025 और डायरेक्टर की भर्ती विज्ञापन संख्या 07/2025 भी इस श्रेणी में हैं.सरकार ने इन परीक्षाओं से जुड़ी प्रारंभिक परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की विश्वसनीयता की जांच CID को सौंप दी है. जांच पूरी होने और सरकार के अगले आदेश तक इन परीक्षाओं से जुड़ी आगे की प्रक्रिया रोक दी गई है.
पुरानी 17 परीक्षाओं की भी होगी CID जांच
सरकार ने कई पुरानी JPSC परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में रखा है. इन परीक्षाओं को फिलहाल रद्द करने का फैसला नहीं किया गया है, बल्कि इनमें संभावित अनियमितताओं की जांच CID से कराने का निर्णय लिया गया है.इनमें 5th कंबाइंड सिविल सर्विसेज रिक्रूटमेंट (Combined Civil Services Recruitment)की विज्ञापन संख्या 06/2013 वाली परीक्षा शामिल है. सिविल जज जूनियर डिविजन रिक्रूटमेंट की विज्ञापन संख्या 10/2015 और सिविल जज जूनियर डिविजन स्पेशल रिक्रूटमेंट की विज्ञापन संख्या 11/2015 भी जांच के दायरे में हैं.सोल कंजर्वेशन ऑफिसर भर्ती की विज्ञापन संख्या 12/2015,असिस्टेंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर/सब डिविजनल एग्रीकल्चर ऑफिसर एवं समकक्ष पदों की नियमित भर्ती विज्ञापन संख्या 03/2015 और इसी पद की बैकलॉग भर्ती विज्ञापन संख्या 04/2015 को भी जांच में शामिल किया गया है.फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती विज्ञापन संख्या 01/2016 और डेंटिस्ट बेसिक कैडर भर्ती विज्ञापन संख्या 02/2016 भी सीआईडी जांच के दायरे में हैं.इसके अलावा कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन बैकलॉग की विज्ञापन संख्या 27/2017, कमर्शियल टैक्सेज लिमिटेड एग्जामिनेशन की विज्ञापन संख्या 10/2010 और कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन-2016 की विज्ञापन संख्या 23/2016 की भी जांच होगी.डायरेक्टोरेट ऑफ जियोलॉजी के तहत जियोलॉजिस्ट और केमिस्ट की नियमित भर्ती विज्ञापन संख्या 01/2017 और 02/2017, असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर भर्ती विज्ञापन संख्या 03/2018 और सिविल जज जूनियर डिवीजन रेगुलर भर्ती विज्ञापन संख्या 12/2018 को भी जांच में रखा गया है.कंबाइंड असिस्टेंट इंजीनियर रेगुलर भर्ती विज्ञापन संख्या 05/2019, कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन-2021 की विज्ञापन संख्या 01/2021 और डेंटल डॉक्टर्स रेगुलर भर्ती विज्ञापन संख्या 01/2022 भी सीआईडी जांच के दायरे में हैं.
यानी हर परीक्षा रद्द नहीं हुई है
सरकार के इस फैसले को समझने के लिए यह अंतर ध्यान रखना जरूरी है कि अधिसूचना में शामिल सभी परीक्षाओं को रद्द नहीं किया गया है.एक तरफ सरकार ने 22 परीक्षाएं रद्द की हैं. दूसरी तरफ छह परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है. वहीं 17 पुरानी परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच CID को दी गई है इसलिए जिन परीक्षाओं के बारे में केवल जांच का आदेश दिया गया है.उन्हें अभी रद्द मानना सही नहीं होगा. इन मामलों में CID की जांच और उसके बाद सरकार के फैसले के आधार पर आगे की स्थिति तय होगी.
सरकार अब भर्ती व्यवस्था में क्या बदलाव करेगी?
झारखंड सरकार ने परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ JPSC और JSSC की पूरी परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में भी कदम उठाने की घोषणा की है.सरकार की ओर से JPSC और JSSC में एक इंटरनल मॉनिटरिंग सेल (Internal Monitoring Cell)बनाने का फैसला किया गया है. इसका उद्देश्य दोनों आयोगों की परीक्षा व्यवस्था पर आंतरिक निगरानी को मजबूत करना होगा.इसके साथ ही JPSC और JSSC की परीक्षाओं में अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अनुरोध किया जाएगा.
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी नई कमेटी
JPSC और JSSC में परीक्षा सुधारों को लेकर व्यापक अध्ययन के लिए सरकार एक समिति भी बनाएगी. इस समिति की अध्यक्षता IAS अधिकारी अमिताभ कौशल करेंगे.समिति में अन्य अधिकारियों के साथ किसी प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा.यह समिति JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था का व्यापक अध्ययन करेगी और दो महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.इस रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया में जरूरी सुधार किए जाने की उम्मीद है.