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Palamu Sikka Village Terrorized By 5 Deaths: पलामू के सिक्का गांव में एक ही परिवार के 5 सदस्यों की रहस्यमयी मौत के बाद से पूरे गांव में डर और दहशत का माहौल है. शाम ढलते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता है, लोग घरों में कैद हो जाते हैं. दरअसल एक ही परिवार के पांच लोगों की इन मौतों के पीछे पुलिस अभी तक ठीक वजह नहीं बता पायी तो लोगों ने इसे अनहोनी से जोड़ दिया. किसी के पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि ये मौतें कैसे हुईं पर हर कोई डर में है.
पलामू. झारखंड के पलामू जिले का एक गांव इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है. आखिर पलामू के सिक्का गांव में ऐसा क्या हो रहा है कि शाम ढलते ही पूरा गांव सन्नाटे में डूब जाता है? आखिर वह कौन-सी वजह है, जिसने लोगों की रातों की नींद छीन ली है? एक ही परिवार के पांच सदस्यों की रहस्यमयी मौत के बाद गांव में ऐसा खौफ पसरा है कि लोग सूर्यास्त होते ही घरों में खुद को कैद कर लेते हैं.
हालांकि किसी के पास मौत की असली वजह का जवाब नहीं है, लेकिन अफवाहों और अंधविश्वास ने लोगों के मन में ऐसा डर पैदा कर दिया है कि गांव की सामान्य जिंदगी पूरी तरह बदल गई है. हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है – आखिर इन मौतों के पीछे सच क्या है?
रहस्यमयी मौतों के बाद गांव में पसरा सन्नाटा
दरअसल, पलामू जिले के पड़वा प्रखंड अंतर्गत सिक्का गांव इन दिनों भय और अनिश्चितता के माहौल से गुजर रहा है. एक ही परिवार के पांच लोगों की रहस्यमयी बीमारी से हुई मौत के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आने से ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं और अफवाहें फैल रही हैं. इसका असर यह है कि गांव की सामान्य दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है.
शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते हैं लोग
ग्रामीण ने बताया कि अब सूरज डूबने के बाद गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है. बाजार की अधिकांश दुकानें समय से पहले बंद हो जाती हैं और गलियां सुनसान हो जाती हैं. लोग अपने घरों के दरवाजे भीतर से बंद कर लेते हैं. रात के समय कोई भी व्यक्ति अकेले सोने की हिम्मत नहीं करता. परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर या एक ही कमरे में रात बिताते हैं. गांव में रात के समय बाहर निकलना लगभग बंद हो चुका है.
ओझा-गुणी और तंत्र-मंत्र की चर्चाओं ने बढ़ाई दहशत
ग्रामीणों ने बताया कि मौत के स्पष्ट कारण सामने नहीं आने से गांव में अंधविश्वास तेजी से फैलने लगा है. कुछ लोग इसे तांत्रिक शक्ति या किसी अदृश्य प्रकोप से जोड़कर देख रहे हैं. बुजुर्गों का कहना है कि लोगों के मन में एक अनजाना भय बैठ गया है. वहीं, विशेष रूप से उस रास्ते और उपेंद्र महतो के घर के आसपास लोग जाने से भी बच रहे हैं, जहां यह दुखद घटना हुई थी. दिन के समय भी वहां सन्नाटा देखने को मिल रहा है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें