पलामू के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की जांच और रांची के नामकुम स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार घर से लिए गए सरसों के ते
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आशंका है कि कटाई या तेल निकालने के दौरान कटेली के बीज सरसों में मिल गए, जिससे तेल जहरीला हो गया।
क्या बता रही है जांच रिपोर्ट
जांच रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में गंभीर एनीमिया (हीमोग्लोबिन 5 ग्राम से कम), एक्यूट किडनी इंजरी (किडनी को गंभीर नुकसान) तथा खून की उल्टी और दस्त जैसे लक्षण मिले थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ये सभी लक्षण आर्गेमोन विषाक्तता से मेल खाते हैं।
लगातार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 22 से 30 जून के बीच गांव में सर्वे किया। जांच में पता चला कि मृतक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। अपने खेत में उगाई गई सरसों से घर पर ही तेल निकलवाकर इस्तेमाल करता था। उसी खेत में बड़ी मात्रा में आर्गेमोन मेक्सिकाना (कटेली) नामक जहरीला खरपतवार भी उगा हुआ था।

खेत में बड़ी मात्रा में आर्गेमोन मेक्सिकाना (कटेली) नामक जहरीला खरपतवार भी उगा हुआ था। जो सरसों के बीज के साथ मिल गया।
आशंका है कि कटाई या तेल निकालने के दौरान कटेली के बीज सरसों में मिल गए, जिससे तेल जहरीला हो गया। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने 2 जुलाई को जांचे गए सरसों के तेल के नमूने में आर्गेमोन तेल की मौजूदगी की पुष्टि की है।
रिपोर्ट में इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं मानते हुए असुरक्षित खाद्य पदार्थ घोषित किया गया है। अन्य रासायनिक जांच की अंतिम रिपोर्ट और मृतकों के विसरा परीक्षण की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।
रिम्स में भर्ती सुनील बोले- मैंने वह सरसों तेल नहीं खाया
सिक्का गांव के इस परिवार की छठी सदस्य लाखो देवी और सातवें सदस्य सुनील मेहता का रिम्स में इलाज चल रहा है। रिम्स में भर्ती सुनील मेहता ने बताया कि जब वह कमाने के लिए घर से बाहर गए थे, तब तक घर में सरसों का तेल नहीं पेरवाया गया था।
उन्होंने दावा किया कि जिस सरसों के तेल का अब नमूना लिया गया है, उसका उन्होंने सेवन नहीं किया था। हालांकि वह भी पिछले एक सप्ताह से बीमार हैं। उनमें भी परिवार के अन्य सदस्यों जैसे ही लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की जांच और रांची के नामकुम स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट में खुलासा
घर में निकाले गए तेल के उपयोग पर रोक
स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर प्रभावित गांव में घर पर निकाले गए सरसों के तेल की बिक्री और उसके सेवन पर तत्काल रोक लगाने की सिफारिश की है। साथ ही पूरे गांव के लोगों की सामूहिक स्वास्थ्य जांच कराने की भी अनुशंसा की गई है, ताकि किसी अन्य व्यक्ति में आर्गेमोन विषाक्तता के लक्षण मिलने पर समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।
विभाग ने स्थानीय प्रशासन को दूषित तेल के इस्तेमाल से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की सलाह दी है। इसके अलावा कृषि विभाग को सरसों की फसलों में उगने वाले कटेली जैसे जहरीले खरपतवार को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की सिफारिश की गई है।
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