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रामगढ़ जिले के उरीमारी ओपी क्षेत्र स्थित लुरूंगा जंगल में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। खदान की चाल अचानक धंसने से दो ग्रामीणों की दबकर मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान सुखदेव गंझू (35) और शिबू उर्फ शिवनाथ बेदिया (45) के रूप में हुई है, जो लुरूंगा गांव के निवासी थे। मलबे में दबे, बचाने का प्रयास रहा नाकाम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ग्रामीण अवैध खदान के अंदर से कोयला निकाल रहे थे। इसी दौरान तेज आवाज के साथ खदान का ऊपरी हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और दोनों अंदर ही दब गए। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर उन्हें निकालने की कोशिश की। लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद वहां काम कर रहे अन्य मजदूर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर उरीमारी पुलिस और संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। पहले भी हो चुके हैं कई हादसे स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लुरूंगा जंगल में लंबे समय से अवैध कोयला खनन का कारोबार चल रहा है। यहां करीब एक दर्जन स्थानों पर अवैध खदानें संचालित हैं। पूर्व में भी कई बार चाल धंसने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके न तो अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लग पाई है और न ही इस धंधे में शामिल लोगों पर ठोस कार्रवाई हुई है। हादसों के बाद केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, जिससे कुछ दिनों बाद फिर से खनन शुरू हो जाता है। प्रशासन पर उठे सवाल, सख्त कार्रवाई की मांग घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। उनका कहना है कि पुलिस और प्रशासन को अवैध खनन की पूरी जानकारी रहती है, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस अवैध कारोबार में शामिल सरगनाओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उधर, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा है कि अवैध खनन में शामिल लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।
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