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महराजगंज जिले की निचलौल–बहुआर सड़क जो सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित गांवों को निचलौल टाउन से जोड़ती है. उसकी जर्जर स्थिति ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है. यह सड़क एक बहुत ही महत्वपूर्ण सड़क है लेकिन जगह-जगह टूटने की वजह से सड़क में बहुत सारे गड्ढे बन चुके हैं. जिसकी वजह से इस सड़क से होकर गुजरने वाले लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. निचलौल–बहुआर रोड की बात करें तो यह सड़क एक लंबे समय से मरम्मत का इंतजार कर रही है.
महराजगंज: जिले के निचलौल–बहुआर सड़क की जो अपनी जर्जर स्थिति में बनी हुई है. महराजगंज जिले की बात करें तो जिले का एक बड़ा हिस्सा भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र में आता है और इन क्षेत्रों में जिले की एक बड़ी जनसंख्या रहती है. निचलौल–बहुआर रोड ऐसे ही एक बड़े सीमावर्ती क्षेत्र को निचलौल टाउन से जोड़ती हैं. सड़क खराब होने की वजह से प्रतिदिन लोगों को आवागमन के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है. गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क ना सिर्फ आवागमन में एक बड़ी समस्या बन रही है बल्कि छोटी–बड़ी दुर्घटनाओं की एक वजह भी बनकर सामने आ रही है जहां लोगों को उसका शिकार होना पड़ रहा है.
निचलौल–बहुआर रोड बनने का कर रहा है इंतजार
महराजगंज जिले की निचलौल–बहुआर सड़क जो सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित गांवों को निचलौल टाउन से जोड़ती है. उसकी जर्जर स्थिति ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है. यह सड़क एक बहुत ही महत्वपूर्ण सड़क है लेकिन जगह-जगह टूटने की वजह से सड़क में बहुत सारे गड्ढे बन चुके हैं. जिसकी वजह से इस सड़क से होकर गुजरने वाले लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. निचलौल–बहुआर रोड की बात करें तो यह सड़क एक लंबे समय से मरम्मत का इंतजार कर रही है.
मुसीबत तो तब होती है जब एक तरफ से कोई चार पहिया वाहन आती है और दूसरी तरफ से लोगों को गुजरना होता है. सड़क की स्थिति खराब होने की वजह से सड़क से बिना उतरे उसे पास देना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि शायद ही ऐसा हो कि सड़क से बिना उतरे कोई चार पहिया वाहन गुजर जाए. अंधेरा होने के बाद इस सड़क से गुजरना काफी खतरनाक हो जाता है क्योंकि टूटी सड़क और सड़क के दोनों और कच्चे रास्ते आने जाने वाले लोगों के लिए ना सिर्फ एक मुसीबत है बल्कि घटनाओं का एक बड़ा वजह के रूप में भी दिखता है.
स्कूल जाने वाले छात्रों को होती है परेशानी
निचलौल–बहुआर सड़क खराब होने से सबसे ज्यादा परेशानी विद्यार्थियों को होती है. सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित ग्रामीण इलाकों से यह बच्चे पढ़ाई करने के लिए स्कूल और कॉलेज जाते हैं और उन्हें इस सड़क से होकर गुजरना होता है. ऐसे में उन्हें इस खराब हो चुकी सड़क से प्रतिदिन आना जाना होता है और ज्यादातर बच्चे ऐसे हैं जो साइकिल चलाते हुए आते जाते हैं. जैसे ही कोई चार पहिया वाहन सड़क से होकर गुजरती है उन्हें तुरंत ही कच्चे रास्तों पर उतरना होता है. बरसात के समय में स्थिति ऐसी हो जाती है कि सड़क के दोनों और जो कच्चे रास्ते हैं वह बहुत ही खराब हो जाते हैं जिसकी वजह से कई छोटी बड़ी दुर्घटनाएं भी हो जाते हैं.
बरसात के समय में सड़क में हुए गड्ढों की वजह से कहीं-कहीं पानी भी इकट्ठा हो जाता है जिससे इस रोड से होकर गुजरने वाले लोगों के बीच दुर्घटना की आशंका और भी बढ़ जाती है. यह सड़क सीमावर्ती क्षेत्र के बहुत से गांवों को निचलौल तहसील से जोड़ती और उन्हें छोटे-बड़े कामों के लिए यहां आना होता है लेकिन सड़क खराब होने की वजह से उन्हें प्रतिदिन बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें