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Ranchi Dharohar: रांची के सुतियाम्बे किले में बिरसा मुंडा समेत कई शहीदों की मूर्तियां हैं. 300 साल पुराना यह नागवंशी किला अब खंडहर में तब्दील हो चुका है. कहा जाता है कि यहां रात को अजीब आवाजें आती हैं. ऐसे में यहां रात में जाने से लोग खौफ खाते हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची से 15 किलोमीटर की दूरी पर सुतीयम्बे किला का अवशेष स्थित है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां पर आज भी शहीद जैसे भगवान बिरसा मुंडा और भी कई सारे लोगों का मूर्ति बनी हुई है. यहां पर उनकी पूजा अर्चना करने के लिए लोग आते हैं और उनके नाम से बलि चढ़ाते हैं. यहां पर रात के समय डर लगता है. यहां लोगों को अजीबोगरीब आवाज आती है, कभी पायल की तो कभी चिल्लाने की. आइये जानते हैं इस किले के अवशेष के बारे में.
रांची के जाने माने साहित्यकार मनोज बताते हैं कि यह 300 साल पुराना नागवंशी किला था. अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के बाद यह किला खंडहर में तब्दिल हो चुका है. राजा फणिमुकुट राय ने नागवंश की नींव रखी थी. उन्होंने सुतियाम्बे (मुराहु पहाड़ी के पास) को अपने साम्राज्य की पहली राजधानी बनाया. यह किला पत्थरों और चट्टानों से बना एक अनूठा अवशेष है. कहा जाता है कि राजा यहीं बैठकर दुश्मनों को हराने की रणनीति बनाते थे.
शाम के समय हो जाता है सन्नाटा
यहां पर जब आप आएंगे तो आपको बड़े-बड़े चट्टान देखने को मिलेंगे. यहां पर शाम के समय एकदम सन्नाटा पसर जाता है. स्थानीय एक दो बच्चे बस खेलते हुए नजर आते हैं. वह भी 5:00 बजे के बाद वहां से निकल जाते हैं. वह इसलिए क्योंकि, यहां पर अकेले आना खतरों से खाली नहीं है. यहां के स्थानीय निवासी दीपक बताते हैं कि शाम 5:00 बजे के बाद यहां से हम लोग निकल जाते हैं.
क्योंकि, कई बार आसपास के लोग और हम लोगों ने भी रात में कई बार अजीबोगरीब आवाज सुनी है. कभी किसी के चिल्लाने की तो कभी किसी की रोने की, तो कभी ऐसा लगता है कि मानो बैठकर कोई बहुत बढ़िया खाना बना रहा हो, इतनी तेज सुगंध आती है, लेकिन कभी हिम्मत नहीं होती कि वहां जाकर देखें कि हो क्या रहा है. इसीलिए शाम होते ही लोग यहां बिल्कुल भी नहीं आते हैं.
जंगलों के बीच में बनी हैं मूर्तियां
शहीदों की याद और सम्मान में यहां पर भगवान बिरसा मुंडा और अन्य लोगों की मूर्तियां बनी हुई है. यहां पर लोग आकर पूजा अर्चना करते हैं और इन लोगों को फूल अर्पण करते हैं. जब आप अंदर जाएंगे तो आपको लगेगा इतने घने जंगल में आखिर क्या होगा, लेकिन, मूर्ति देखकर लोग अचंभित होते हैं कि यहां भी लोग पूजा करने आते हैं. यहां बली भी चढ़ाई जाती है, लेकिन हां, इसकी खूबसूरती भी गजब की है. आप दिन में यहां पर घूमने आ सकते हैं, बरसात में तो और भी बड़ा खूबसूरत लगता है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें