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मानसून में बेसन और चावल का माड़ करें पशुओं की डाइट में...


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बेसन और चावल का माड़ करें पशुओं की डाइट में शामिल, बाल्टी भर-भर देंगे दूध

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Cattle Diet In Monsoon: मानसून में पशुओं को स्वस्थ रखने और उनका दूध बढ़ाने के लिए खास डाइट की जरूरत होती है. अगर उन्हें फिक्स टाइम पर आहार देंगे और भोजन में ये कुछ विशेष चीजें शामिल करेंगे तो पशु बीमार नहीं होंगे और भर-भरकर दूध देंगे.

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रांची. बहुत पशुपालकों की शिकायत होती है कि बरसात के सीजन में पशुओं को बीमारी हो जाती है, फीवर हो जाता है और साथ ही दूध देना भी कम हो जाता है. ऐसे में गाय पालन करने वाले भानु प्रताप बताते हैं कि हम लोग खासतौर पर बेसन और कई तरह की खली देने का काम करते हैं. सुबह सबसे पहली खुराक में चावल का माड़ देते हैं. इससे गाय की प्रजाति के हिसाब से हर दिन बढ़िया मात्रा में दूध निकलता है, जिसे हम लोग बेचने का काम करते हैं.

भानु प्रताप बताते हैं कि कम से कम एक मुट्ठी बेसन आपको तीनों टाइम देना है. आप जो भी खली दें, जैसे हम लोग सुबह सरसों की खली देते हैं. साथ में सुधा दाना या सुदाना आता है, जो आपको बाजार में आसानी से मिल जाएगा और बहुत ही पौष्टिक होता है, ये मिला दें. ऐसे में इसके साथ आप एक मुट्ठी बेसन मिला दीजिए. साथ में सरसों की खली सबसे अच्छी होती है.

तीन समय की डाइट कुछ इस तरह रखें
वे कहते हैं, सुबह में सबसे पहले हम लोग चावल का माड़ एक बाल्टी दे देते हैं. दरअसल माड़ में कई सारे पोषक तत्व होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से गायों को मिलते हैं. इससे उन्हें फीवर या फिर किसी प्रकार की बीमारी जैसी समस्या देखने को नहीं मिलती और दूध भी काफी अच्छा होता है. इसके बाद सरसों की खली में थोड़ा बेसन मिलाकर देते हैं.

इसके बाद हमारे जो खेत हैं, उससे जितना भी वेस्ट का अवशेष निकलता है, उसको फिर से एक मुट्ठी बेसन में मिलाकर और नीम की खली के साथ मिलाकर दोपहर में दे देते हैं. पानी भी पर्याप्त मात्रा में देते हैं. शाम को इन्हें बाहर चरने के लिए छोड़ देते हैं, ताकि ताजी हरी घास भी इन्हें मिलती रहे. इसके बाद रात में भी खाना दिया जाता है.

दलिया है बेस्ट
आप अपने मन अनुसार कोई भी खली चुन सकते हैं और उसके साथ एक मुट्ठी बेसन और दलिया, जो खासतौर पर पशुओं के लिए बाजार में आता है, वह खरीदकर ला सकते हैं. उसको मिला लीजिए और रात की डाइट में दीजिए. फिर देखिए कैसे आपकी गाय हर दिन 6 से 7 किलो दूध नहीं देती है. एक बात और ध्यान रखना है, खाने का समय उनका एकदम फिक्स करिए. मतलब एक समय पर उनका खाना मिल जाना चाहिए. यह भी बहुत जरूरी चीज है. इन बातों का ध्यान रखेंगे तो दुग्ध उत्पादन बढ़िया रहेगा और पशु स्वस्थ भी रहेंगे.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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