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15 साल से नहीं बदली धान की यह किस्म, किसान को हर...


रामपुर: धान की खेती में सही किस्म का चुनाव ही किसान की कमाई तय करता है. इसलिए कई किसान ऐसी वैरायटी को सालों तक नहीं छोड़ते, जो अच्छी पैदावार के साथ बेहतर दाम भी दिलाए. रामपुर के किसान दरबारी भी पिछले करीब 15 वर्षों से इसी धान की खेती कर रहे हैं. इस बार भी उन्होंने करीब 60 बीघा खेत में 2626 धान की रोपाई शुरू कर दी है. किसान का कहना है कि यह किस्म उत्पादन, स्वाद और बाजार तीनों मामलों में उनके लिए फायदे का सौदा साबित हुई है.

दरबारी बताते हैं कि 60 बीघा में रोपाई के लिए पहले नर्सरी (पौध) तैयार की जाती है. सामान्य तौर पर एक बीघा धान की रोपाई के लिए करीब 1 से 1.5 किलो बीज पर्याप्त होता है. यानी 60 बीघा के लिए लगभग 60 से 90 किलो बीज की जरूरत पड़ती है. बीज बोने के बाद करीब 25 से 30 दिन में पौध रोपाई के लिए तैयार हो जाती है. इसके बाद खेत में पानी भरकर रोपाई की जाती है.

2626 धान की किस्म

किसान के मुताबिक, वे 2626 धान की किस्म उगा रहे हैं. उनका कहना है कि इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी अच्छी पैदावार है. सही देखभाल और अनुकूल मौसम मिलने पर प्रति बीघा करीब 5 क्विंटल तक उत्पादन मिल जाता है.

दरबारी बताते हैं कि इस धान का चावल खाने में स्वादिष्ट होता है. अच्छी गुणवत्ता होने की वजह से बाजार में इसकी मांग भी बनी रहती है. उन्हें इस चावल का करीब 35 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल जाता है, जिससे अच्छा मुनाफा होता है.

125 से 135 दिन में हो जाती है तैयार

रोपाई के बाद यह फसल सामान्य तौर पर करीब 125 से 135 दिनों में पककर कटाई के लिए तैयार हो जाती है. यानी जुलाई में रोपाई होने पर इसकी कटाई आमतौर पर अक्टूबर के आखिर से नवंबर के बीच शुरू हो जाती है. समय पर सिंचाई, खाद और खरपतवार नियंत्रण करने पर पैदावार और गुणवत्ता दोनों बेहतर रहती हैं.

किसान के अनुसार, इस तरह की मध्यम अवधि वाली धान की किस्मों की रोपाई जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई के मध्य तक करना सबसे उपयुक्त माना जाता है. इससे पौध को मौसम का अच्छा साथ मिलता है और फसल का विकास भी बेहतर होता है.

सही समय पर धान की करें रोपाई

किसान ने बताया कि उन्होंने कई किस्मों की खेती की, लेकिन जिस तरह की पैदावार, चावल की गुणवत्ता और बाजार में कीमत इस किस्म से मिलती है, उसे देखते हुए वे हर साल इसी की खेती करना पसंद करते हैं. उनके मुताबिक, अगर किसान समय पर रोपाई करें और खेत का सही प्रबंधन रखें, तो यह किस्म अच्छी आमदनी दिला सकती है.



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