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6 एकड़ जमीन पर एक बूंद भी केमिकल का इस्तेमाल नहीं करते कोडरमा के किसान अजय साव

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Koderma Farmer Success Story: कोडरमा के किसान अजय साव 6 एकड़ पर खेती करते हैं और किसी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल नहीं करते. उनकी खेती पूरी तरह जैविक होती है और फलन इतना अच्छा कि हर महीने वे 40 से 45 हजार तक की आमदनी कर लेते हैं. उनको सम्मानित भी किया जा चुका है.

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कोडरमा. जिले के चंदवारा प्रखंड अंतर्गत सरदारोडीह गांव के प्रगतिशील किसान अजय साव आधुनिक और जैविक खेती के माध्यम से क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं. एक समय था, जब कम मुनाफे के कारण लोग खेती से दूरी बनाने लगे थे. लेकिन अजय साव ने अपनी मेहनत, नई तकनीक और जैविक खेती के जरिए यह साबित कर दिया कि अगर वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए, तो इससे बेहतर आय अर्जित की जा सकती है. यही कारण है कि आज आसपास के कई किसान उनसे खेती के गुण सीखने उनके खेत तक पहुंच रहे हैं.

रसायन का नहीं करते उपयोग, सिर्फ गोबर से होती है खेती
अजय वर्तमान में अपनी 6 एकड़ भूमि पर पूरी तरह जैविक खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि खेती में किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक या पेस्टिसाइड का उपयोग नहीं किया जाता. फसल की बेहतर बढ़वार और सुरक्षा के लिए केवल गोबर की खाद का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने बताया कि जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और फसल में कीट लगने की संभावना भी काफी कम हो जाती है.

हर महीने 40 से 45 हजार की हो रही आमदनी
इस वर्ष फरवरी माह में अपनी जमीन के एक हिस्से में झींगा की खेती शुरू की थी. इस खेती में उन्होंने मात्र 1800 रुपये का बीज लगाया. फरवरी में बीज लगाने के बाद अप्रैल से उत्पादन मिलना शुरू हो गया और तब से लगातार अच्छी पैदावार हो रही है. वे आगे कहते हैं कि वर्तमान में हर दूसरे दिन 2 से 3 क्विंटल झींगा का उत्पादन हो रहा है. शुरुआती दिनों में बाजार में झींगा की कीमत अच्छी मिलने के कारण उन्हें हर दूसरे दिन 3 से 4 हजार रुपये तक की आय होती थी. हालांकि, इन दिनों बाजार में कीमत कुछ कम हो गई है. फिर भी उन्हें हर दूसरे दिन लगभग 2 हजार रुपये की आमदनी हो रही है.

उत्कृष्ट किसान के रूप में मुख्यमंत्री कर चुके हैं सम्मानित
वे कहते हैं कि किसान आधुनिक तकनीक के साथ जैविक खेती को अपनाएं और बाजार की मांग के अनुसार फसल का चयन करें, तो कम लागत में भी बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है. उनकी सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है. कई किसान उनके खेत पर पहुंचकर खेती की तकनीक, जैविक खाद के उपयोग और फसल प्रबंधन की जानकारी ले रहे हैं. गत दिनों राजधानी रांची में आयोजित कृषि व्यापार मेले में मुख्यमंत्री ने अजय साव को उत्कृष्ट किसान के रूप में सम्मानित करते हुए प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो भी दिया था.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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