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RBI Gold Reserve : दो साल में दोगुनी हो गई आरबीआई के...


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RBI Gold Reserve Value : रिजर्व बैंक ने अपने सोने का भंडार बीते 2 साल में लगातार बढ़ाया है और आज उसकी वैल्यू दो साल के मुकाबले दोगुनी पहुंच चुकी है.सोने का भंडार बढ़ने का मतलब है कि रिजर्व बैंक के भंडार में अन्य विदेशी संपत्तियों की तुलना में सोने की हिस्सेदारी बढ़ती जा रही है.

दो साल में दोगुनी हो गई आरबीआई के गोल्ड की वैल्यू, चीन ने भी कसी कमरZoom

आरबीआई के पास सोने का कुल भंडार 880 टन से ज्यादा पहुंच गया है.

नई दिल्ली. साल 2022 में जब रूस ने यूक्रेन के ऊपर अपनी पूरी ताकत से हमले शुरू किया भारत तभी समझ गया था कि आने वाला समय फॉरेक्स रिजर्व में बदलाव का है. भारत के केंद्रीय बैंक आरबीआई ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए साल 2022 के बाद से ही लगातार सोने की खरीद बढ़ा दी है. भले ही आरबीआई समेत तमाम देशों के केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीद होने से ग्लोबल मार्केट में गोल्ड की कीमतें आसमान पर पहुंच गई लेकिन आज इस बदली हुई रणनीति का असर साफ दिख रहा है. भारत का गोल्ड रिजर्व भले ही वजन में दुनिया के अन्य देशों से पीछे दिख रहा हो लेकिन मूल्य के लिहाज से पिछले 2 साल में ही इसमें दोगुनी की बढ़ोतरी हो चुकी है.

रिजर्व बैंक की ओर से जारी हाली आंकड़ों में बताया गया है कि आरबीआई के गोल्ड रिजर्व का कुल मूल्य 115.8 अरब डॉलर के आसपास पहुंच गया है. भारतीय कर्रेंसी में आंकड़े को देखें तो यह 11 लाख करोड रुपए से भी ज्यादा बैठता है. यह कीमत साल 2022 में आरबीआई के गोल्ड रिजर्व की कुल कीमत से दोगुनी पहुंच गई है. रिजर्व बैंक के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में फिलहाल सोने की हिस्सेदारी 17 फ़ीसदी के आसपास है जो 6 महीने पहले तक 12 फीस दी थी. यह बदलाव ग्लोबल मार्केट में गोल्ड की बढ़ती कीमतों और भू राजनीतिक तनाव की वजह से बदली हुई रणनीति की वजह से दिख रहा है.

2 साल पहले कितनी थी सोने की वैल्यू
ग्लोबल मार्केट में 2024 में सोने का भाव 2000 डॉलर प्रति वर्ष चल रहा था जो 2026 में बढ़कर के 4000 डॉलर प्रति वर्ष के ऊपर निकल गया है. गोल्ड की कीमतों में आया यह उछाल दिखता है कि रिजर्व बैंक का भंडार कितनी तेजी से ऊपर जा रहा है. रिजर्व बैंक अपने खजाने में अन्य विदेशी संपत्तियां जैसे डॉलर यह पाउंड और यूरोप की हिस्सेदारी भी बढ़ता जा रहा है लेकिन उसने सबसे ज्यादा दावा सोने पर लगाया है क्योंकि साल 2022 में रूस और यूक्रेन का युद्ध पूरी 200 से शुरू होने के बाद से ही भू राजनीतिक स्थिति अच्छी नहीं रही है.

अन्य देशों से कहीं आगे है भारत
दुनिया की अनुवर्ती अर्थव्यवस्था में भारत सोना खरीदने के मामले में कहीं आगे जा रहा है. ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत भले ही आसमान छू रही हो लेकिन रिजर्व बैंक अपने खजाने में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़ाता जा रहा है. भारत के अलावा कुछ यूरोपीय देशों ने भी सोने की खरीद साल 2022 के बाद से बढ़ा दी थी.इसमें सबसे ऊपर नाम पोलैंड का आ रहा है. पोलैंड ने कोविद-19 महामारी के बाद अपने रिजर्व में 128.6 तन 16 बढ़ाया और साल 2020 के पहले क्वार्टर में सोने की खरीद बढ़कर 228.5 तान कर दी. इसके बाद दो-तीन साल तक तो कॉलेज शांत रहा लेकिन फिर साल 2022 से उसने सोने की खरीद बढ़नी शुरू कर दी. इस यूरोपीय देश ने साल 2023 की पहली तिमाही में 228.7 तन 16 खरीदा और 2026 की पहली तिमाही में 581.6 तन पहुंचा दिया अपने सोने का भंडार इसका मतलब की महेश 3 साल के भीतर उसने 253 टन सोने की खरीद कर डाली.

चीन भी सोना खरीदने में पीछे नहीं
एशियाई देशों में भारत के बाद सोना खरीदने में सबसे आगे चीन का नाम दिख रहा है. चीन में साल 2020 से 2022 के बीच में अपना कल गोल्ड रिजर्व 1948 तक पहुंचा दिया. इसके बाद 2023 की पहली तिमाही में उसका गोल्ड रिजर्व 2068 तन तो 2026 की पहली तिमाही में बढ़कर 2323 स्टैंड पहुंच गया इसका मतलब है कि 3 साल के भीतर चीन ने 245 टन सोने की खरीद कर डाली. छोटे से देश चेक रिपब्लिक डे भी सोना खरीदने का रिकॉर्ड ही बना डाला. साल 2023 में किस देश में सोने का कुल भंडार 13.5 टन था जो 2026 की पहली तिमाही में बढ़कर 76.6 टन पहुंच गया इसका मतलब है कि महज 3 साल के भीतर चेक गणराज्य ने अपने सोने का भंडार करीब 6 गुना बढ़ा दिया.

10 साल में आरबीआई ने कितना सोना खरीदा
चीन सहित अन्य देशों के सोना खरीदने की रफ्तार देखें तो भारत की रफ्तार कहीं सुस्त नजर आती है. रिजर्व बैंक का साल 2015 की पहली तिमाही में कुल सोने का भंडार 557.8 टन था जो 2026 की पहली तिमाही में बढ़कर 880.5 टन पहुंच गया. इसका मतलब 11 साल में ही आरबीआई ने अपने गोल्ड रिजर्व में 58% की बढ़ोतरी कर डाली और इस दौरान 323 टन सोने की खरीद की. आरबीआई के सोने का भंडार साल 2019 की पहली तिमाही में 612.6 तन तो साल 2020 की पहली दिवाली में 653 रहा. उसके बाद साल 2021 की पहली तिमाही में 695.3 तन साल 2022 में 760.4 तन और साल 2023 में 794.6 तान के आसपास रहा. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि आने वाले समय में भी आरबीआई सोने की खरीद जारी रखेगा.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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