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BRO Labour Scam: सीबीआई ने सीमा सड़क संगठन के फंड में हुए करोड़ों के गबन मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस भ्रष्टाचार के खेल में लद्दाख से एक असिस्टेंट इंजीनियर और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों ने मिलीभगत कर फर्जी मजदूरों के नाम पर सरकारी पैसा निकाला और उसे इंजीनियर के खाते में जमा कराया. इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज हो चुकी हैं और 26 ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है.
सीबीआई मामले की जांच कर रही है.
नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के फंड में हुए करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. सीबीआई ने इस भ्रष्टाचार के खेल का पर्दाफाश करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में BRO लद्दाख का एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंट शामिल हैं. रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज इस मामले ने सुरक्षा और निर्माण से जुड़े इस महत्वपूर्ण संगठन में चल रहे बड़े नेक्सस को बेनकाब कर दिया है.
फर्जी मजदूरों के नाम पर करोड़ों का खेल
सीबीआई के मुताबिक गिरफ्तार किया गया असिस्टेंट इंजीनियर लद्दाख में 81 आरसीसी (RCC), BRO के तहत खालत्से-बटालिक सेक्टर का प्रभारी अधिकारी था. जांच में सामने आया है कि इस अधिकारी ने कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंटों के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची. इन लोगों ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले फर्जी मजदूरों (घोस्ट लेबर्स) के नाम पर दस्तावेज तैयार किए और उनके वेतन व अन्य भत्तों के नाम पर BRO के सरकारी फंड का जमकर गबन किया. इसके बाद लेबर एजेंटों ने गबन की गई इस मोटी रकम को सीधे असिस्टेंट इंजीनियर के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया.
26 ठिकानों पर छापेमारी, 5वीं FIR की तैयारी?
इस महाघोटाले की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीबीआई इस मामले में पहले ही BRO की अलग-अलग परियोजनाओं में फंड के दुरुपयोग को लेकर चार एफआईआर (FIR) दर्ज कर चुकी है. जांच एजेंसी ने इस सिलसिले में देश भर के 26 संवेदनशील स्थानों पर ताबड़तोड़ तलाशी ली थी. इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में भी एक और बड़ी छापेमारी की गई, जहां से कई अहम दस्तावेज और सबूत हाथ लगे हैं.
सख्त कानूनी धाराओं में केस दर्ज
सीबीआई ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लद्दाख की सक्षम अदालत में पेश किया जा रहा है. आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी के संगीन आरोप लगाए गए हैं. इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी जैसी गंभीर धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है.
सीबीआई के आला अधिकारियों का कहना है कि रक्षा मंत्रालय की सतर्कता और शिकायत के बाद इस जांच को बेहद गोपनीय और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया गया है. जांच एजेंसी ने साफ किया है कि इस मामले की तफ्तीश अभी थमी नहीं है. पूरे प्रकरण की व्यापक और त्वरित जांच जारी है, और आने वाले दिनों में इस गबन कांड से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों पर कानून का शिकंजा कस सकता है.
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डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें