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Gold Loan : सोना खरीदना छोड़ अब गिरवी रख रहे लोग, मई...


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Gold Loan Rise : देश में सोना खरीदने में भले ही कमी आई है, लेकिन सोने को गिरवी रखकर बैंकों से पैसे लेने वालों की डिमांड लगातार बढ़ रही है. आरबीआई के हालिया आंकड़े बताते हैं कि एनबीएफसी में सोना गिरवी रखने के मामलों में पिछले साल से 70 फीसदी उछाल दिख रहा है.

सोना खरीदना छोड़ अब गिरवी रख रहे लोग, मई में 70% बढ़ गया गोल्ड लोन का क्रेज Zoom

गोल्ड लोन बांटने की दर मई में 70 फीसदी बढ़ गई है.

नई दिल्ली. पीएम मोदी की अपील के बाद लोगों ने सोने की खरीद पर भले ही अंकुश लगा दिया है, लेकिन उसे गिरवी रखकर पैसे लेने के मामले में लगातार तेजी आ रही है. आबीआई के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के सोने के आभूषणों के बदले दिए गए बकाया कर्ज में मई में सालाना आधार पर करीब 70 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है. इससे साफ जाहिर होता है कि लोगों ने सोने खरीदने के बजाय उसे गिरवी रखने पर ज्यादा जोर दिया है.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 के अंत तक सोने के गहनों के बदले दिए गए बकाया कर्ज 3.29 लाख करोड़ रुपये रहे, जो एक वर्ष पहले के 1.94 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 69.9 फीसदी अधिक हैं. रिटेल लोन में होम लोन, ऑटो लोन और गोल्ड लोन में मई के दौरान मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. इस दौरान कुल खुदरा कर्ज सालाना आधार पर 19.5 फीसदी बढ़ा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में इसमें 14.9 फीसदी की वृद्धि हुई थी.

कॉमर्शियल लोन में भी तेज उछाल
आंकड़े बताते हैं कि गोल्ड लोन के अलावा, एनबीएफसी द्वारा वाणिज्यिक क्षेत्र को दिए गए बकाया कर्ज में दूसरी सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई. यह सालाना आधार पर 40.2 फीसदी बढ़कर मई में 1.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले 85,317 करोड़ रुपये था. खेती और संबद्ध गतिविधियों के लिए कज भी मजबूत बना रहा. मई, 2026 में इसमें सालाना आधार पर 17.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 5 फीसदी वृद्धि से काफी अधिक है.

इंडस्ट्री के लोन में आई गिरावट
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र को दिए गए कर्ज की वृद्धि दर मई में घटकर 7.3 फीसदी रह गई, जो एक वर्ष पहले 10 फीसदी थी. इसका मुख्य कारण बुनियादी ढांचा क्षेत्र को दिए जाने वाले कर्ज की वृद्धि में सुस्ती रही. इसी तरह, सेवा क्षेत्र को दिए गए कर्ज की वृद्धि दर भी मई, 2025 के 23.9 फीसदी से घटकर सालाना आधार पर 16.7 फीसदी रह गई.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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