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झारखंड में साइबर अपराधियों का नया खेल, बस एक फाइल शेयर कर...


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युवती करीब दो महीने पहले टेलीग्राम के एक ग्रुप ‘THE VINTAGE MIND’ से जुड़ी थी. इसी ग्रुप के एडमिन से उसकी बातचीत शुरू हुई. शुरुआत में सब सामान्य लगा. लेकिन कुछ समय बाद यही बातचीत ब्लैकमेलिंग में बदल गई. परिजनों का आरोप है कि युवती को एक APK फाइल भेजी गई थी.

झारखंड में साइबर अपराधियों का नया खेल, बस एक फाइल शेयर कर फंस गई युवती Zoom

लापता हुई 23 साल की युवती (AI इमेज)

रांची: झारखंड कभी साइबर अपराधियों के गढ़ के रूप में जाना जाता था. लगातार कार्रवाई के बाद जामताड़ा जैसे इलाकों में साइबर अपराधियों पर शिकंजा जरूर कसा है. लेकिन साइबर ठगी के तरीके अब पहले से ज्यादा खतरनाक हो गए हैं. अब सिर्फ बैंक खाते से पैसे उड़ाने का खेल नहीं हो रहा है. साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट, साइबर स्लेवरी, सेक्सटॉर्शन, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, ब्लैकमेलिंग और APK फाइल के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं.

इसी तरह का एक चौंकाने वाला मामला रांची के खरसीदाग ओपी क्षेत्र से सामने आया है. यहां एक 23 वर्षीय युवती कथित ब्लैकमेलिंग से इतनी परेशान हो गई कि वह अपना घर छोड़कर चली गई. परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं. परिजनों के अनुसार, युवती करीब दो महीने पहले टेलीग्राम के एक ग्रुप ‘THE VINTAGE MIND’ से जुड़ी थी. इसी ग्रुप के एडमिन से उसकी बातचीत शुरू हुई. शुरुआत में सब सामान्य लगा. लेकिन कुछ समय बाद यही बातचीत ब्लैकमेलिंग में बदल गई.

परिजनों का आरोप है कि युवती को एक APK फाइल भेजी गई थी. आशंका है कि जैसे ही उसने उस फाइल को डाउनलोड किया, उसके मोबाइल की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट तक साइबर अपराधियों की पहुंच बन गई. इसके बाद उसके निजी फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाने लगा. युवती की भाभी ने पुलिस को बताया कि घर छोड़ने से पहले युवती ने अपनी एक सहेली को मैसेज भेजा था. उसमें उसने लिखा था कि वह ब्लैकमेलिंग से परेशान हो चुकी है और अब अपनी जान दे देगी. इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है.

मामले की शिकायत खरसीदाग ओपी में दर्ज कराई गई है. पुलिस युवती की तलाश के साथ-साथ पूरे मामले की जांच में जुट गई है. लापता युवती की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने हाथ जोड़कर अपनी बेटी से घर लौट आने की अपील की है. मां का कहना है कि वह सुरक्षित वापस आ जाए, यही उनकी सबसे बड़ी इच्छा है. इस घटना ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है.

झारखंड सीआईडी के एडीजी ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं. कई युवाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देकर भेजा जाता है. वहां उनका पासपोर्ट छीन लिया जाता है और उन्हें साइबर स्लेवरी के लिए मजबूर किया जाता है. झारखंड पुलिस के सामने ऐसे दो मामले भी आ चुके हैं. उन्होंने कहा कि APK फाइल, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया के जरिए अपराधी लोगों का मोबाइल हैक करने की कोशिश करते हैं. इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए. किसी को आधार नंबर, बैंक डिटेल, ओटीपी, डेट ऑफ बर्थ या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए.

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया अकाउंट हमेशा प्राइवेट रखें. किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज पर भरोसा न करें. अगर कोई संदिग्ध लिंक भेजे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं. समय पर शिकायत करने से कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है.

विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र महतो ने भी लोगों से डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने की अपील की है. वहीं साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल डिजिटल अरेस्ट, साइबर स्लेवरी, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और फोटो मॉर्फ कर ब्लैकमेलिंग जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में डर, लालच और जानकारी की कमी ही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार है. जागरूकता और सतर्कता ही इससे बचने का सबसे प्रभावी उपाय है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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