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धामन गाय के पैरों से लिपटकर पी जाता है उसका दूध? सांप...


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विशेषज्ञों के अनुसार धामन सांप का गाय का दूध पीना महज एक अफवाह है. सांपों में दूध पचाने वाले एंजाइम नहीं होते हैं. वे दूध के लिए नहीं, बल्कि चूहों के शिकार के लिए गौशाला आते हैं. धामन अपने जीवन में 25 हजार चूहे खाकर किसानों की फसलों की रक्षा करता है.

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पलामूः मानसून आते ही सांपों का खतरा बढ़ जाता है. जहां इस मौसम आते ही खेत-खलिहानों और घरों के आसपास सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं. इसी के साथ लोगों में डर और कई तरह की भ्रांतियां भी फैल जाती हैं. सबसे आम धारणा यह है कि धामन सांप गाय का दूध पी जाता है. अब इस पर आज हम आपको सभी तथ्यों और जानकारियों से जुड़ी सारी बातें बताने वाले है.

बता दें कि सांप दूध पिता है इस बात को विशेषज्ञ पूरी तरह मिथक बताते हैं. पलामू जिले के सर्प विशेषज्ञ डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने लोकल18 को बताया कि धामन न केवल विषहीन होता है, बल्कि किसानों का सबसे बड़ा मित्र भी है. यह अपने जीवनकाल में हजारों चूहों को खाकर फसलों की रक्षा करता है. इसलिए इसे मारने के बजाय बचाना जरूरी है.

क्या धामन पी सकता है गाय का दूध? 
सर्प विशेषज्ञ डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने बताया कि धामन को रैट स्नेक भी कहा जाता है, जिसके पास दूध पचाने के लिए जरूरी एंजाइम नहीं होते. इतना ही नहीं, सांप के गाल नहीं होते और उसकी जीभ दो हिस्सों में बंटी होती है. ऐसे में वह गाय के थन को पकड़कर दूध पी ही नहीं सकता. इसलिए यह धारणा कि धामन गाय का दूध चूस लेता है, पूरी तरह वैज्ञानिक तथ्यों के विपरीत है.

गाय के पास क्यों दिखाई देता है धामन?
उन्होंने कहा कि धामण जिसे रैट स्नेक भी कहा जाता है, गाय या बैल के बाड़े में दिखने की वजह दूध नहीं, बल्कि चूहे होते हैं. पशुओं के चारे के आसपास बड़ी संख्या में चूहे छिपे रहते हैं और उन्हें पकड़ने के लिए धामन वहां पहुंचता है. यानी वह पशुओं को नुकसान पहुंचाने नहीं, बल्कि खेत और घर के सबसे बड़े नुकसानदेह जीव चूहों का शिकार करने आता है.

25 हजार चूहे खाकर बचाता है किसानों की फसल
डॉ. श्रीवास्तव कहा कि एक धामन अपने पूरे जीवनकाल में लगभग 25 हजार चूहों का शिकार करता है. यही कारण है कि इसे किसानों का मित्र कहा जाता है. यदि एक धामन को मार दिया जाए तो हजारों चूहे जीवित बच जाते हैं, जो आगे चलकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए धामन का संरक्षण सीधे तौर पर किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा हुआ है.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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