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लोहरदगा|विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर बुधवार को शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल विकास के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं सक्षम नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। वहीं एसोसिएट एनसीसी सेकेंड ऑफिसर वीना तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने के लिए निरंतर नए कौशल सीखने की प्रेरणा दी। कैडेट मनीष उरांव एवं अंशुमान पाठक ने हिंदी तथा प्रज्ञान पाठक ने अंग्रेजी में प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत कर कौशल विकास के महत्व को रेखांकित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार झा ने कहा कि कौशल ही सफलता की वास्तविक पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करते हुए अपनी प्रतिभा को निखारने और जीवनोपयोगी कौशल विकसित करने की अपील की। आचार्य प्रमेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को कौशल विकास से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तनों की जानकारी दी। साथ ही निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं कार्यक्रम का समापन मंजू देवी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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