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विदेश जाने और वैश्विक स्तर पर नए अवसरों को तलाशने की चाहत बोकारो के नागरिकों में लगातार बढ़ रही है। कोई पढ़ाई करने, कोई नौकरी तो कोई विदेश घूमने जाते हैं। प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025) में पासपोर्ट बनवाने की गति में रिकॉर्ड तेजी आई है। इस अवधि के दौरान जिला पुलिस और पासपोर्ट कार्यालय द्वारा कुल 45,982 पासपोर्ट निष्पादित (जारी) किए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि युवाओं और कामकाजी वर्ग में विदेश जाने का क्रेज किस कदर बढ़ चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, पासपोर्ट की मांग में इस भारी उछाल के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं। पहला, उच्च शिक्षा के लिए छात्रों का तेजी से विदेशों का रुख करना। दूसरा, खाड़ी देशों के साथ-साथ यूरोप और आईटी सेक्टर्स के लिए रोजगार के अवसरों का बढ़ना और तीसरा, मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के प्रति बढ़ता आकर्षण है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष 2025 में राज्य में कुल 1,30,404 पासपोर्ट जारी किए गए।
पिछले 5 वर्षों में हर महीने औसतन लगभग 766 पासपोर्ट जारी किए गए हैं। यदि इसे दैनिक आधार पर देखा जाए, तो इन पांच वर्षों (लीप वर्ष 2024 सहित कुल 1,826 दिनों) में प्रतिदिन औसतन लगभग 25 पासपोर्ट का वेरिफिकेशन और निष्पादन पूरा किया गया है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरोना काल के ठीक बाद, यानी वर्ष 2021 में कुल 6,514 पासपोर्ट जारी हुए थे। इसके बाद के वर्षों में यह ग्राफ कभी नीचे नहीं आया। साल 2022 में यह संख्या तेजी से उछलकर 9,012 पर पहुंच गई। वर्ष 2023 और 2024 में भी क्रमशः 9,400 और 9,667 पासपोर्ट के साथ यह रफ्तार बनी रही। सबसे अधिक पासपोर्ट वर्ष 2025 में जारी हुआ, जब इतिहास में पहली बार एक ही साल के अंदर 11,389 पासपोर्ट का सफल निष्पादन किया गया।
2026 की छह माह में ही हुई दमदार इंट्री
चालू वर्ष की बात करें, तो एक जनवरी से 30 जून 2026 तक (मात्र 6 महीने में) ही 6,075 पासपोर्ट आवेदनों को हरी झंडी मिल चुकी है। इस गति को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2026 के अंत तक यह आंकड़ा भी पिछले सारे रिकार्ड्स को ध्वस्त कर नया कीर्तिमान बना सकता है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित थाने को 15 दिनों के भीतर सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराना होता है। पुलिस सत्यापन के लिए प्रति आवेदन 150 रुपए का भुगतान झारखंड पुलिस विभाग को किया जाता है।
इन 16 केंद्रों में करवा सकते हैं सत्यापन
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अधीन पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) रांची के अलावा पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, मेदिनीनगर, चाईबासा, गुमला, खूंटी, झुमरी तिलैया, गिरिडीह, देवघर, साहिबगंज, दुमका, गोड्डा और सिमरिया में संचालित हैं। इससे दूरदराज के जिलों के लोगों को भी सुविधा मिल रही है और राजधानी रांची आने की जरूरत कम हुई है।
15 दिनों में वेरिफिकेशन पूरा होता है