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पीतल कारोबारी किशन खन्ना ने बताया कि भगवान भोलेनाथ के शिव परिवार की डिमांड वैसे तो शिवरात्रि पर बहुत होती है लेकिन सावन का महीना भी भगवान शिव के लिए समर्पित होता है. इसलिए शिव परिवार की डिमांड भी बहुत अच्छी देखने को मिल रही है.लोग सावन के महीने में यह मूर्ति खरीदना शुभ मानते हैं. अपने घर में रखते हैं मंदिरों में रखते हैं. शिव परिवार की इस मूर्ति में शिव जी के परिवार के सभी सदस्य की मूर्ति शामिल की गई है और बारीक नकाशी कर बनाई गई है.
मुरादाबादः यूपी का मुरादाबाद पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां के पीतल के उत्पाद देश-विदेश में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. वहीं पीतल नगरी के नाम से पूरे विश्व में मशहूर मुरादाबाद में पीतल के विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं. इन सभी उत्पाद के साथ-साथ इन दोनों शिव परिवार की डिमांड बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है.इसके साथ ही यह शिव परिवार लोगों को खूब पसंद आ रहा है. सावन आते ही इसकी बहुत ज्यादा बिक्री हो रही है.क्योंकि सावन के महीने में यहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव परिवार की पूजा करते हैं.ऐसे में भगवान शिव परिवार की अच्छी डिमांड रहती है. इसलिए इस मूर्ति की अच्छी बिक्री हो रही है.यह शिव परिवार की मूर्ति अलग-अलग साइज में तैयार किया जा रहा है और बहुत अच्छी डिमांड इसकी सामने आ रही है.
शिव परिवार की थी डिमांड
पीतल कारोबारी किशन खन्ना ने बताया कि भगवान भोलेनाथ के शिव परिवार की डिमांड वैसे तो शिवरात्रि पर बहुत होती है लेकिन सावन का महीना भी भगवान शिव के लिए समर्पित होता है. इसलिए शिव परिवार की डिमांड भी बहुत अच्छी देखने को मिल रही है.लोग सावन के महीने में यह मूर्ति खरीदना शुभ मानते हैं. अपने घर में रखते हैं मंदिरों में रखते हैं. शिव परिवार की इस मूर्ति में शिव जी के परिवार के सभी सदस्य की मूर्ति शामिल की गई है और बारीक नकाशी कर बनाई गई है.
काठमांडू जाता है माल
इसके साथ ही अगर साइज की बात की जाए तो 3 इंच से लेकर 3 फीट तक के साइज की परिवार की मूर्ति तैयार की जा रही है. उन्होंने कहा की डिमांड की बात की जाए तो काशी विश्वनाथ, काठमांडू में हमारा सबसे ज्यादा माल जा रहा है. वहां से इसकी सबसे ज्यादा डिमांड देखने को मिल रही है. इसके अलावा पूरे भारत में जहां-जहां मंदिर हैं. सनातन धर्म से जुड़े लोग रह रहे हैं. वह इसकी डिमांड कर रहे हैं. भारत के अलावा विदेश में जहां भी सनातन धर्म से जुड़े लोग रह रहे हैं. वह इसके आर्डर देते हैं और विदेश में भी यह मूर्ति पसंद की जाती है. उन्होंने कहा कि सावन में पूरे महीने पूर्ति की बिक्री होती है. इसके साथ ही ऑर्डर पहले से ही मिलनी शुरू हो गए हैं और जमकर इस मूर्ति की बिक्री देखने को मिल रही है।
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें