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CJP 3 Demand To JP Nadda: सीजेपी प्रदर्शनकारियों के एक डेलिगेशन से स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से आज मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने साफ कह दिया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई समेत 3 बड़ी मांगें पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे. नड्डा ने समय मांगा है, लेकिन छात्र आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं.
सीजेपी ने सरकार के सामने अपनी मांगे रखीं.
राजधानी की सड़कों पर मचे महा-संग्राम के बीच जेपी नड्डा के आवास पर उस वक्त भारी सस्पेंस पैदा हो गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के डेलिगेशन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सामने अपनी 3 सबसे बड़ी डिमांड रख दीं. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से लेकर सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई तक, प्रदर्शनकारियों के तेवर देखकर सीजेपी के एजेंडे में था. घंटों चली इस मौखिक और लिखित बहस के बाद खुद स्वास्थ्य मंत्री ने भी टेबल पर अपनी एक बड़ी अहम बात रखी. जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों के सामने अनुरोध किया है कि वे दिल्ली की कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए तुरंत अपना यह धरना बंद करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करें. नड्डा ने साफ कर दिया कि सरकार उनकी मांगों को शीर्ष नेतृत्व के सामने ले जाने के लिए तैयार है.
ये हैं प्रदर्शनकारियों की वो 3 बड़ी मांगें
सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई
प्रदर्शनकारियों की पहली और सबसे प्रमुख मांग सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा करने की है. वांगचुक की सेहत और उनके मौजूदा हालात को लेकर प्रदर्शनकारी लगातार चिंता जता रहे हैं और उन्हें तुरंत मुक्त करने की मांग पर अड़े हैं.
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
प्रतिनिधिमंडल ने नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई है. छात्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय को इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी लेनी होगी.
पीड़ित नीट अभ्यर्थियों के लिए 1 करोड़ का मुआवजा
प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी है कि नीट परीक्षा से जुड़े मानसिक तनाव और कथित गड़बड़ियों के कारण जिन भी अभ्यर्थियों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया है, उनके परिवारों को सरकार की तरफ से 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए.
नड्डा ने मांगा समय, प्रदर्शनकारी बोले- मांगें पूरी होने तक डटे रहेंगे
इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका ने बताया कि वे दोपहर 12 बजे से ही जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद थे. सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई इस बैठक में पहले मौखिक चर्चा हुई और फिर शाम करीब 4 बजे लिखित मांग पत्र (याचिका) सौंपा गया. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, जेपी नड्डा ने इन मांगों को सुनने के बाद इस विषय पर अपनी शीर्ष लीडरशिप से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है. हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक इन मांगों को लेकर कोई ठोस प्रतिबद्धता या आश्वासन नहीं दिया गया है. प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे और उनका शांतिपूर्ण आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…और पढ़ें