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High Paying Job : पैसा कमाना है तो आज ही सीखें यह...


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FDEs Salary Package : आईटी सेक्टर के युवाओं के लिए रोजगार और मोटी सैलरी का नया अवसर सामने आ गया है. कंपनियां अब एआई और कस्टमर सपोर्ट को मिलाकर एक नया पेशेवर तैयार कर ही हैं, जिन्हें सामान्य इंजीनियर की तुलना में 7 गुना ज्यादा सैलरी मिलती है.

पैसा कमाना है तो आज ही सीखें यह स्किल, नॉर्मल इंजीनियर्स से 7 गुना सैलरीZoom

आईटी सेक्टर में FDEs की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है.

नई दिल्ली. आज का युवा जल्दी अमीर होना चाहता है, अच्छी सैलरी और फाइनेंशियल आजादी की ख्वाहिश रखता है. लेकिन, समस्या ये आती है कि वह कौन सा रास्ता जिससे यह सभी ख्वाहिशें पूरी हो जाएं. अगर आप भी ऐसी ही समस्या से घिरे हैं तो जरा इस तरफ नजर डालें और अपने करियर को आज की डिमांड के आधार पर चुनें. आईटी सेक्टर में एक नई जॉब आई है जिसे फॉरवर्ड डेप्लॉयड इंजीनियर (FDEs) कहते हैं. यह एआई डेवलपमेंट की स्पेशलिस्ट की नई कैटेगरी है और इस सेक्टर में शुरुआती सैलरी नॉर्मल इंजीनियर्स के मुकाबले 7 गुना ज्यादा रहती है. इस सेक्टर में एंट्री लेवल पर ही करीब 18 लाख रुपये के पैकेज से शुरुआत होती है.

हालिया आंकड़े बताते हैं कि FDE को नॉर्मल सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के मुकाबले करीब 7 गुना ज्यादा सैलरी मिलती है. ऐसे इंजीनियर्स को रिक्रूट करने वालों का कहना है कि इस काम के लिए खास स्किल की जरूरत होती है, जिसमें एआई एक्सपर्ट और कस्टमर के साथ तालमेज दोनों जरूरी होता है. FDEs को एंट्री लेवल पर ही 18 से 25 लाख रुपये का सालाना पैकेज ऑफर होता है. जॉब मार्केट पर नजर रखने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म टीमलीज ने बताया है कि सीनियर लेवल पर FDEs को सालाना 50 से 85 लाख रुपये तक ऑफर किया जाता है. इतना ही नहीं, ऐसे कर्मचारियों को कंपनियां हर साल 15 से 25 फीसदी का इंक्रीमेंट भी मिलता है. इसके मुकाबले एंट्री लेवल पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सालाना 3 से 4 लाख रुपये का ही ऑफर दिया जाता है.

तेजी से बढ़ रही स्किल की डिमांड
टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा का कहना है कि इस सेक्टर में टैलेंट की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. वित्तवर्ष 2026 की पहली तिमाही से लेकर 2027 की पहली तिमाही तक ऐसे टैलेंट की डिमांड 800 फीसदी बढ़ चुकी है. अब कंपनियां एआई पायलट के छोटे स्तर से बढ़कर लार्ज स्केल पर इसे लागू कर रही हैं. मनीकंट्रोल के अनुसार, बीते मई महीने में देश में OpenAI, Anthropic जैसी कंपनियों में 230 FDEs की डिमांड थी. अब अन्य कंपनियां भी तेजी से इस सेक्टर में टैलेंट की खोज कर रही हैं. फिलहाल भारत में 2,800 से ज्यादा FDEs प्रोफेशनल्स हैं.

कैसे अलग होते हैं FDEs
पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के मुकाबले FDEs प्रोडक्शन के लिए सीधे तौर पर कस्टमर्स कंपनियों और एआई सिस्टम से जुड़े होते हैं. इन पेशेवरों के पास Python, agentic AI, retrieval-augmented generation (RAG), MLOps, cloud platforms और APIs जैसे सेक्टर्स में एक्सपरटीज होती है. उनका काम बिजनेस वर्कफ्लो को बेहतर बरना और कस्टमर की जरूरतों के हिसाब से प्रोडक्ट तैयार करने में एआई के इस्तेमाल को लागू करना होता है. Xpheno के मुताबिक, इस काम के लिए तकनीकी दक्षता ज्यादा जरूरी है, बजाय कि ज्यादा भाषाओं पर कमांड अथवा अन्य पारंपरिक योग्यताओं के.

भारतीय कंपनियां भी दे रहीं जोर

  • आईटी फर्म टीसीएस ने अपने कुल ग्लोबल फोर्स का 1 से 1.5 फीसदी टैलेंट FDEs में बदलने पर जोर दे रही है. इसका मतलब है कि कंपनी के करीब 8,900 कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा.
  • इसके अलावा एचसीएल टेक ने भी अपने फ्रेशर्स और मौजूदा कर्मचारियों को FDEs में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है.
  • एलटीएम ने AI1000 इनीशिएटिव लॉन्च किया है, जो कंपनी में 1,000 FDEs की फौज खड़ी करेगी.
  • Coforge ने तो इस साल के आखिर तक कंपनी के लिए 100 स्पेशल FDEs तैयार करने का लक्ष्य रखा है.

About the Author

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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