हमने कल ही आपको बता दिया था कि पेपर लीक का मुद्दा जेन्युइन मुद्दा है, लाखों परिवारों के सेंटीमेंट इससे जुड़े हैं. उनके इमोशंस इससे जुड़े हैं. लेकिन जिस तरीके से प्रोटेस्ट हुए, उसमें तो छात्रों और उनके परिवारों के इस सेंटीमेंट और इमोशंस को यूज किया जा रहा है. वही आज होने लगा है.
आप देखिए कि कॉकरोच पार्टी का जो प्रोटेस्ट कल चरम पर चला गया था, उसमें आज ना उन छात्रों की बात हो रही है जिन्होंने कल लाठियां खाई थी. ना कॉकरोच पार्टी की लीडरशिप की बात हो रही है. अभिजीत दीपके सीन में नहीं दिख रहे, सोनम वांगचुक की बात नहीं हो रही है.
बात किसकी हो रही है. बात हो रही है कि राहुल गांधी की, अखिलेश यादव की, अरविंद केजरीवाल की. मार मची पड़ी है कि कैसे इस माहौल को अपनी राजनीति के लिए भुना लिया गया. रेस लगी है कि कौन इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा क्रेडिट ले ले. हर कोई जेन जी का सबसे बड़ा नेता बनने में लगा है.
कुछ दिन पहले इन लोगों में होड़ लगी थी कि सबसे बड़ा सनातनी कौन बनेगा. क्योंकि राम मंदिर का मामला तब इन्हें दिख रहा था. अब इन्हें दिख रहा है कि छात्रों को बहाने मोदी को घेर लेंगे तो ये पेपर लीक के मुद्दे पर धरना प्रदर्शन की राजनीति करने लगे हैं.
राहुल गांधी आज धरने पर बैठ गए और नरेंद्र मोदी को चैलेंज करने लगे. राहुल गांधी को वहां से हटने को तैयार नहीं थे. पीएम के घर के सामने गजब बवाल काट दिया. राहुल गांधी ने आज ये दिखा दिया कि जो मुद्दा इतने दिन से कॉकरोच पार्टी वाले चला रहे थे वो असल में राहुल गांधी का मुद्दा है
इसी में राहुल गांधी ने आज अपना जंतर मंतर बनाने की कोशिश की. अखिलेश यादव भी आ गए. वो भी धरना देने लगे. लेकिन सबको उठाकर पुलिस ने हिरासत में ले लिया. आज आपको बताएंगे कि कैसे क्रेडिट की लूट मची है. कैसे अखिलेश राहुल केजरीवाल सबकी रेस लगी है.
छात्रों से ज्यादा नेताओं की चर्चा
कॉकरोच पार्टी के आंदोलन में कल छात्रों ने लाठियां खाईं. आज क्रेडिट खाने के लिए नेता कूद पड़े. राहुल गांधी धरने पर बैठ गए. अखिलेश यादव भी आ गए. उधर राहुल गांधी को धरने पर देखकर केजरीवाल तड़प गए. केजरीवाल के लोग कांग्रेस और राहुल गांधी को कोसने लगे कि कल तक तो ये दिखाई नहीं दे रहे थे, आज जब माहौल बन गया तो क्रेडिट खाने के लिए आ गए. केजरीवाल और कांग्रेस के बीच कैसे मार मच गई.
जिस काम में केजरीवाल एक्सपर्ट थे. वो काम आज राहुल गांधी करने लगे. राहुल गांधी आज शाम को करीब चार बजे अचानक धरने पर बैठ गए. और वो भी उस जगह पर धरने पर बैठे, जहां पीएम का आवास है. राहुल गांधी धरने पर ऐसा बैठे कि उठने का नाम नहीं ले रहे थे. करीब दो ढाई घंटे वहीं पर राहुल गांधी जमीन पर बैठे रहे. उनसे यहां से हटने को कहा गया. लेकिन वो माने नहीं. जब नहीं माने तो जबरन उन्हें वहां से हटाया गया और फिर उठाकर बस में बैठाया गया.
पीएम आवास के बाहर राहुल-अखिलेश का धरना
आप देखिए कि राहुल गांधी अकेले नहीं थे. उनके साथ कांग्रेस की पूरी टीम थी. प्रियंका वाड्रा भी थी. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे भी थे. राहुल गांधी के धरने पर अखिलेश यादव भी वहां तुरंत पहुंच गए. फिर सबको वहां से उठाया गया और बस में बैठा कर ले जाया गया. इसी तरह से प्रियंका वाड्रा को वहां से हटाया गया.
अखिलेश यादव तो अलग लेवल पर थे. उन्हें धरने से उठाकर बस में बैठाया गया और बस से ले जाया गया तो उन्होंने इसे रोड शो बना दिया. जैसे नेता रोड शो करते हैं, वैसे ही अखिलेश बस के अंदर सबसे आगे बैठकर हाथ हिला रहे थे. पुलिस हिरासत को भी इन लोगों ने रोड शो- रैली बना डाला.
पुलिस हिरासत को बनाया सियासी हथियार
इस मामले में अखिलेश यादव ने राहुल गांधी से बाजी मार ली, क्योंकि अखिलेश ने इसे रोड शो बना दिया तो राहुल गांधी चुपचाप बस में बैठे थे. उधर कांग्रेस वाले ये आरोप लगा रहे हैं कि राहुल गांधी को घसीटा गया. राहुल गांधी से बदसलूकी की गई.
कांग्रेस आरोप लगा रही है कि राहुल गांधी के साथ धक्का मुक्की हुई, बदसलूकी हुई. लेकिन आप देखिए कि राहुल गांधी को समझाया गया, मनाया गया. क्योंकि वो जिस जगह पर धरना दे रहे थे, वो धरने देने वाली जगह नहीं थी. आप देखिए कि राहुल गांधी किस जगह पर बैठे थे
एक तरह से ये लोग पीएम आवास के गेट पर ही बैठ गए थे. इस तरह का धरना प्रदर्शन और वो भी पीएम आवास के बाहर, ये तो कभी नहीं देखा गया. देश का नेता विपक्ष ऐसा करे तो इससे बहुत गलत परंपरा बनेगी. ये देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा खतरे में डालने वाली बात है.
राहुल गांधी ये सोच कर आए थे कि यहीं पर रात भर बैठे रहेंगे. यहीं पर रात भर धरना देंगे. सबको बुलाकर भीड़ इकट्ठा कर लेंगे. ये लोग पीएम आवास के ठीक करीब बैठकर नरेंद्र मोदी को चैलेंज कर रहे थे. नरेंद्र मोदी को घर से बाहर निकलने को कह रहे थे.
ये लोग तो बहुत खतरनाक स्थिति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि आप देखिए कि कल ही संसद के बेहद पास तक प्रदर्शनकारी पहुंच गए थे. संसद में हड़कंप मच गया था. संसद के गेट बंद करने पड़े थे. आज राहुल गांधी पीएम आवास के गेट पर धरने पर बैठ गए. यानी दो दिन में दो हाईली सेंसटिव जगहों को रिस्क में डाला गया. ये बहुत खतरनाक बात इसलिए है क्योंकि बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका की तस्वीरें सबने देखी हैं. वहां पर भी इसी तरह से लोग संसद में घुस गए थे. राष्ट्रपति भवन में घुस गए थे. वहां पर तोड़फोड़ की थी. आग लगा दी थी. क्या ये लोग इस तरह की स्थिति यहां पर भी बनाना चाहते हैं.
इनका प्लान था कि पीएम आवास के बाहर अपना जंतर मंतर बना दें. जबकि ये बात सबको पता है कि पीएम आवास के बाहर इस तरह से धरना नहीं दिया जा सकता. इस तरह से भीड़ बुलाई नहीं जा सकती. ये बात राहुल गांधी भी अच्छी तरह समझते होंगे.
मांग से पलटे राहुल गांधी
ऐसा भी नहीं है कि सरकार ने राहुल गांधी से बात नहीं की थी. उन्हें समझाया नहीं था. सरकार को जैसे ही पता चला कि राहुल गांधी पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए हैं, वैसे ही वरिष्ठ मंत्री को तुरंत वहां पर भेजा गया. मंत्री जीतेंद्र सिंह वहां पर पहुंचे. उनके साथ गृह सचिव भी थे. मंत्री जीतेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से बात की. उन्हें समझाया. राहुल गांधी और जीतेंद्र सिंह की बातचीत करते हुए तस्वीरें आप देखिए
राहुल गांधी से क्या बात हुई. इसके बारे में जीतेंद्र सिंह ने खुद बताया. उन्होंने बताया, ‘राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वो अपना धरना खत्म करें. क्योंकि ये धरना देने की जगह नहीं है. यहां धरना देने से पब्लिक को दिक्कत हो रही है.’ जीतेंद्र सिंह ने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे कहा कि अगर सरकार NEET और उससे जुड़े आंदोलन पर चर्चा करने के लिए मान जाती है तो वो धरना तुरंत खत्म कर देंगे.
राहुल गांधी की डिमांड पर जीतेंद्र सिंह ने लीडरशिप से बात की और कुछ ही देर में राहुल गांधी से कहा गया कि उनकी मांग को मान लिया गया. संसद में सरकार चर्चा को तैयार है. लेकिन जब राहुल गांधी को ये सूचना दी गई तो वह कहने लगे कि वो इतने पर ही नहीं मानेंगे. उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी. राहुल गांधी ये कहने लगे कि अब उनकी दो मांगे हैं कि संसद में चर्चा हो और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो.
लेकिन जब राहुल गांधी को याद दिलाया गया कि उन्होंने सिर्फ संसद में चर्चा की मांग की थी. तो राहुल गांधी कहने लगे कि अब उनकी मांग बदल गई है. राहुल गांधी को विनम्रता से समझाया गया कि एक सीनियर नेता होकर इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता. इस पर राहुल ने कहा कि ये उनकी मर्जी है. जब गृह सचिव ने राहुल गांधी को ये समझाने का प्रयास किया कि ये जगह धरना देने के लिए सही नहीं है तो राहुल कहने लगे कि ये भी उनकी मर्जी है कि वो जहां चाहे बैठें.
कांग्रेस और AAP में क्रेडिट की जंग
आप देखिए किस लेवल की पॉलिटिक्स हो रही है. राहुल गांधी ने इधर धरना दिया उधर केजरीवाल के लोगों के कान खड़े हो गए हैं. वो सब मिलकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर टूट पड़े कि ये लोग क्रेडिट ले लेने आ गए. आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने कहा कि ये देखना बहुत दिलचस्प है कि जो दिल्ली पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी को संसद के 100 मीटर के दायरे में मूव नहीं करने दे रही थी वो राहुल गांधी को पीएम मोदी के आवास के बाहर बैठने दे रही है. कांग्रेस और बीजेपी एक ही यूनिट है इसके इससे ज्यादा सबूत क्या चाहिए.
संजय सिंह कह रहे हैं कि कांग्रेस एक महीने से आंदोलन को गाली दे रही है, अब राहुल गांधी जी कह रहे हैं कि ‘जंतर मंतर नहीं हमारे धरने में शामिल हो’. आख़िर युवाओं के आंदोलन को क्यों कमज़ोर करना चाहती है कांग्रेस? जंतर मंतर के आंदोलन में शामिल होने की अपील क्यों नहीं करती कांग्रेस?
उधर कांग्रेस वाले भी केजरीवाल को टारगेट करने लगे. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में युद्ध छिड़ गया. आतिशी को जवाब देते हुए कांग्रेस नेता बीवी श्रीनिवासन ने कहा कि आपको बहुत तकलीफ हुई है. हम समझ सकते है. BJP के साथ जारी आपकी जुगलबंदी फेल हो गयी इसलिए…?
कैसी होड़ मची हुई है वो देखिए कि राहुल गांधी ने अपना जंतर मंतर पीएम आवास के बाहर क्रिएट करने की कोशिश की तो केजरीवाल तुरंत जंतर मंतर ये दिखाने पहुंच गए कि इस मुद्दे पर राजनीति तो असली जंतर मंतर से ही चलेगी. जंतर मंतर पर पहले भी केजरीवाल जा चुके हैं. आज फिर से वहां गए. उधर राहुल गांधी अब तक जंतर मंतर नहीं गए.
राहुल गांधी और केजरीवाल में इस बात की आज मार मची पड़ी थी कि कौन इस मुद्दे पर आगे दिखता है. केजरीवाल आज हॉस्पिटल जा रहे थे, थाने के चक्कर लगा रहे थे. हॉस्पिटल में उन लोगों से मिल रहे थे जिन्हें कल प्रदर्शन में चोटे आई थी. थाने में उन लोगों को छुड़ाने में जुटे थे, जिन्हें कल के प्रोटेस्ट में डिटेन किया गया था. केजरीवाल ने तो ये भी बता दिया कि कल प्रोटेस्ट में उनके बच्चे भी थे.
इधर केजरीवाल हॉस्पिटल जा रहे थे, थाने जा रहे थे, तो राहुल गांधी भी हॉस्पिटल पहुंच गए. राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा भी RML हॉस्पिटल पहुंची थीं. इस दौरान राहुल गांधी ने एक छात्रा से बात भी की, जिसने ये जानकारी दी कि CJP के प्रोटेस्ट के दौरान क्या-क्या हुआ. पुलिस की कार्रवाई के बारे में भी राहुल गांधी को बताया.
RML हॉस्पिटल से निकलने के बाद राहुल गांधी ने ये कहा कि पीएम मोदी को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लाठीचार्ज पर सवाल खड़े किए. प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर निशाना साधा.