नई दिल्ली. देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. वहीं, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है.
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने कई संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई है. यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
क्या हो सकता है असर?
पहाड़ी मार्ग बंद हो सकते हैं.
चारधाम और पर्यटन क्षेत्रों में यात्रा प्रभावित हो सकती है.
निचले इलाकों में अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है.
दिल्ली-एनसीआर में राहत भी, परेशानी भी
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ सकती है.
यूपी-बिहार-झारखंड में बारिश का नया दौर
पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में मानसून बेहद सक्रिय रहने वाला है. कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. निचले इलाकों में जलभराव और किसानों की खरीफ फसलों पर असर पड़ने की आशंका है.
पूर्वोत्तर भारत में रेड अलर्ट जैसी स्थिति
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर में अगले कई दिनों तक लगातार भारी बारिश की संभावना है. ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि देखी जा सकती है, जिससे बाढ़ की स्थिति पैदा होने का खतरा बना हुआ है.
महाराष्ट्र, गोवा और पश्चिमी तट पर मेघों का डेरा
कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में लगातार भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. मुंबई समेत कई शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है. पश्चिमी घाट क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है.
राजस्थान और मध्य भारत में मानसून की वापसी
कुछ दिनों की कमजोरी के बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है. कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है.
दक्षिण भारत में मिलीजुली स्थिति
तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. हालांकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रह सकती हैं.
किसानों के लिए क्या संकेत?
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की सक्रियता खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और फसल नुकसान का खतरा भी बना रहेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बदलते मौसम पैटर्न पर नजर रखना जरूरी होगा.
IMD की लोगों के लिए सलाह
नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें.
पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें.
बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों.
प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट और निर्देशों का पालन करें.
संभावित असर वाले प्रमुख राज्य
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा, राजस्थान और मध्य प्रदेश अगले कुछ दिनों तक मानसून की सबसे ज्यादा मार झेल सकते हैं. कुल मिलाकर, देश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय मोड में है और आने वाले दिन कई राज्यों के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आने वाले हैं.