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Best Vegetable Farming Method: बारिश में भी लहलहाएंगी सब्जियां, बस अपना लें...


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Best Vegetable Farming Method: बरसात के मौसम में जलभराव के कारण सब्जियों की फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. मऊ के जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह के अनुसार किसान यदि बेड विधि, मल्चिंग तकनीक और ड्रिप सिंचाई अपनाएं तो जलभराव, खरपतवार और लागत तीनों पर नियंत्रण पाया जा सकता है. इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर होते हैं.

मऊ: बरसात का मौसम चल रहा है और इस दौरान खरीफ फसलों की खेती की जाती है. यदि आप किसान हैं और खरीफ सीजन में सब्जियों की खेती करना चाहते हैं, लेकिन खेतों में जलभराव से फसल खराब होने की चिंता है, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी हो सकती है. आइए जानते हैं कि विशेषज्ञों के अनुसार किस विधि से खेती करने पर बारिश के दौरान फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है.

बरसात के मौसम में होगी बेहतर सब्जियों की खेती

लोकल 18 से बातचीत में जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह ने बताया कि खरीफ सीजन की खेती के लिए किसान नर्सरी तैयार कर चुके होंगे और अब रोपाई की तैयारी में जुटे होंगे. उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों की खेती में अक्सर खेतों में जलभराव होने से फसल गल जाती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. लेकिन यदि किसान बेड विधि के साथ मल्चिंग तकनीक अपनाएं, तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.

बेड विधि से जलभराव की समस्या होगी दूर

उन्होंने बताया कि समतल भूमि पर सब्जियों की खेती करने से बारिश के दौरान पानी जमा हो जाता है, जिससे फसल सड़ने लगती है. वहीं, यदि किसान बेड विधि से खेती करते हैं तो जलभराव की समस्या नहीं होती. इस विधि में बेड के बीच-बीच में नालियां बनाई जाती हैं, जिन्हें एक-दूसरे से जोड़कर पानी की निकासी का उचित प्रबंध किया जाता है. इससे अतिरिक्त पानी आसानी से खेत से बाहर निकल जाता है.

बरसात के मौसम में खरपतवार भी तेजी से उगते हैं. इससे बचने के लिए किसान बेड पर मल्चिंग शीट का उपयोग कर सकते हैं. मल्चिंग शीट पूरे बेड को ढक लेती है और केवल पौधों के लिए आवश्यक स्थान पर ही कटिंग की जाती है. इससे खरपतवार नहीं उगते, नमी बनी रहती है और फसल का बेहतर विकास होता है. इस तकनीक से खेती की लागत भी कम आती है और उत्पादन बढ़ता है.

ड्रिप सिंचाई पर भी मिलती है सब्सिडी

राम सिंह ने बताया कि यदि किसान बेड और मल्चिंग विधि के साथ ड्रिप सिंचाई प्रणाली भी अपनाना चाहते हैं, तो उद्यान विभाग की ओर से इस पर सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है. इन आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में भी किसान बेड विधि और मल्चिंग तकनीक के जरिए विभिन्न प्रकार की सब्जियों की सफल खेती कर सकते हैं और अच्छी पैदावार के साथ बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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