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रिम्स में बुधवार से मरीजों को एक साथ छह नई सुविधाएं मिलेंगी। इनमें सबसे बड़ी राहत ऑनलाइन पेमेंट गेटवे की होगी। इसके शुरू होते ही 10 रुपए के रजिस्ट्रेशन शुल्क से लेकर जांच और इलाज से जुड़े सभी बिलों का भुगतान मरीज और उनके परिजन रिम्स के सभी बिलिंग काउंटरों पर यूपीआई से कर सकेंगे। अभी तक यहां ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं थी। ऐसे में कई बार जांच की पर्ची कटाने के बाद नकद राशि निकालने के लिए मरीजों और परिजनों को परिसर से करीब 500-500 मीटर दूर एटीएम तक जाना पड़ता था। अब यह परेशानी खत्म होगी। ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा नहीं होने से मरीजों को हो रही दिक्कत को लेकर दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। जानिए…आज से कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी{महिलाओं को राहत: डिजिटल मैमोग्राफी से शुरुआती पहचान
रिम्स के रेडियोलॉजी विभाग में डिजिटल मैमोग्राफी मशीन शुरू होगी। इससे महिलाओं में स्तन कैंसर की शुरुआती अवस्था में अधिक सटीक जांच हो सकेगी। निजी अस्पतालों का महंगा खर्च बचेगा और समय रहते बीमारी का पता चलने से इलाज की सफलता की संभावना बढ़ेगी।
सेंट्रल लैब: एक ही जगह होंगी ज्यादातर पैथोलॉजी जांच
ओपीडी परिसर में आधुनिक सेंट्रल लैब का विधिवत उद्घाटन होगा। यहां अधिकांश पैथोलॉजी जांच एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। मरीजों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रिपोर्ट जल्दी मिलने से इलाज में देरी भी नहीं होगी। हालांकि लैब की सेवाएं तीन महीने पहले शुरू हो चुकी हैं। डेंटल सर्जरी: अलग आधुनिक ऑपरेशन थिएटर शुरू
डेंटल इंस्टीट्यूट के ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में नया ऑपरेशन थिएटर और वार्ड कॉम्प्लेक्स शुरू होगा। अब चेहरे, जबड़े और मुंह से जुड़ी जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को दूसरे विभाग के ऑपरेशन थिएटर में नहीं जाना पड़ेगा। आधुनिक उपकरणों से इलाज अधिक सुरक्षित होगा और इंतजार भी कम होगा। कमांड कंट्रोल रूम: अस्पताल पर रहेगी 24 घंटे डिजिटल नजर
बीएसएनएल संचालित वाई-फाई और सीसीटीवी कमांड कंट्रोल रूम की भी शुरुआत होगी। इससे पूरे अस्पताल परिसर की चौबीसों घंटे निगरानी होगी। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और इंटरनेट आधारित सेवाओं को भी गति मिलेगी। नई नियुक्ति…असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिलेगा नियुक्ति पत्र
मुख्य समारोह नए शैक्षणिक भवन के एलटी-1 सभागार में सुबह 11 बजे से होगा। इसमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, कांके विधायक सुरेश बैठा और रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में रिम्स और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े करीब दो दर्जन से अधिक नए फैकल्टी सदस्यों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इससे मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर होने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने और छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है।
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