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लोगों से 10-10 रुपये लेकर करती हैं बड़ा काम, भावुक कर देगी...


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Jodhpur News : जोधपुर की निकिता 10-10 रुपये इकट्ठा कर गौशाला दान, गरीब बेटियों की पढ़ाई और जरूरतमंद लड़कियों की शादी में खर्च करती हैं. वे अपनी कमाई का हिस्सा समाजसेवा में लगाती हैं. निकिता बताती हैं कि लोगों की खुशियों में शामिल होकर आशीर्वाद देने के बाद उन्हें जो भी बख्शीश मिलती है, उसी से उनके घर का खर्च चलता है.

जोधपुर. जिस समाज को अक्सर लोग सिर्फ खुशियों के मौकों पर दुआएं और आशीर्वाद देने वाले समाज के रूप में देखते हैं, उसी समाज की एक महिला अब अपनी छोटी-छोटी कमाई से इंसानियत की बड़ी मिसाल पेश कर रही हैं. जोधपुर के उदय मंदिर हवेली क्षेत्र की निकिता लोगों से 10-10 रुपये लेकर पैसे इकट्ठा करती हैं और फिर इन्हीं पैसों को गौशाला में दान, गरीब बेटियों की पढ़ाई और जरूरतमंद लड़कियों की शादी में खर्च करती हैं.

निकिता बताती हैं कि शादी-ब्याह और अन्य शुभ अवसरों पर मिलने वाली बख्शीश से होने वाली कमाई का एक हिस्सा वे हमेशा समाजसेवा और दान-पुण्य के कार्यों में लगाती हैं. सामान्य दिनों में उनकी मासिक कमाई करीब 20 हजार रुपये होती है, जबकि होली और दीवाली जैसे त्योहारों पर यह 40 से 50 हजार रुपये तक पहुंच जाती है. इस दौरान उन्हें कई बार लोगों के ताने भी सुनने पड़ते हैं और कुछ लोग उन्हें नकली किन्नर तक कह देते हैं. हालांकि निकिता का कहना है कि वे उदय मंदिर हवेली से हैं और पूरी ईमानदारी के साथ अपनी कमाई से समाजसेवा कर रही हैं.

छोटी-छोटी बख्शीश से चलता है घर, फिर भी सेवा में सबसे आगे
निकिता बताती हैं कि लोगों की खुशियों में शामिल होकर आशीर्वाद देने के बाद उन्हें जो भी बख्शीश मिलती है, उसी से उनके घर का खर्च चलता है. कई बार 10, 20 और 50 रुपये जैसी छोटी-छोटी रकम ही मिलती है, लेकिन इन्हीं छोटी-छोटी रकमों को जोड़कर उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती हैं. उनका कहना है कि कमाई सीमित होने के बावजूद उन्होंने जरूरतमंदों की मदद और सेवा का रास्ता कभी नहीं छोड़ा.

अपनी कमाई का हिस्सा बेजुबानों और जरूरतमंदों के नाम
निकिता अपनी कमाई का एक हिस्सा गौसेवा और बेजुबान पशु-पक्षियों की देखभाल में लगाती हैं. इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों और गरीब बेटियों की पढ़ाई व शादी में भी अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग करती हैं. उनका मानना है कि इंसान की कमाई तभी सार्थक होती है, जब उसमें से कुछ हिस्सा उन लोगों और बेजुबान जीवों के काम आए, जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत हो.

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Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



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