पलामू. आज के समय में होम साइंस केवल खाना बनाने या घर संभालने का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार, स्वरोजगार और प्रोफेशनल करियर का मजबूत माध्यम बन चुका है. इसमें पढ़ाई कर आप कई तरह के अवसर पा सकते हैं. इसी क्रम में पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर स्थित योध सिंह नामधारी महिला कॉलेज जिले का एकमात्र सरकारी महाविद्यालय है, जहां वर्षों से होम साइंस में स्नातक (बीए) और स्नातकोत्तर (एमए) की पढ़ाई कराई जा रही है.
सरकारी कॉलेज होने के कारण यहां छात्राओं को बेहद कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता है. नए शैक्षणिक सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया भी फिलहाल जारी है, जिसमें आप इस विषय में नामांकन ले सकते हैं.
मिलते हैं, इतने सारे ऑप्शन
बता दें कि इस कोर्स की पढ़ाई करने के बाद आपको डाइटीशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, फैशन डिजाइनर, इंटीरियर डिजाइनर, फूड टेक्नोलॉजिस्ट, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, प्री-स्कूल टीचर, रिसर्चर, कॉलेज लेक्चरर बनने का मौका मिलता है. इसके साथ ही सरकारी योजनाओं में भी इस विषय के विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर मौजूद हैं. हालांकि पलामू जिले की तो यहां अभी भी इस विषय को लेकर जागरूकता की कमी देखी जाती है.
‘सुबह से शाम तक जीवन में होम साइंस का उपयोग होता है’
कॉलेज की होम साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. मिनी टुडू ने लोकल18 को बताया कि अधिकांश छात्राएं इस विषय का चयन मजबूरी में करती हैं, जबकि वास्तव में इसमें करियर की अपार संभावनाएं हैं. सुबह उठने से लेकर रात तक हम जो भी काम करते हैं, उनमें किसी न किसी रूप में होम साइंस शामिल होता है. इस विषय में होम मैनेजमेंट, स्वच्छता एवं सैनिटेशन, संतुलित आहार, टेक्सटाइल, पारिवारिक संसाधन प्रबंधन, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की देखभाल जैसे व्यावहारिक विषय पढ़ाए जाते हैं.
नौकरी ही नहीं, स्वरोजगार के भी हैं कई विकल्प
डॉ. टुडू के अनुसार, होम साइंस की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्राएं डाइटीशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, फैशन डिजाइनर, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, फूड सेक्टर, कैटरिंग, प्री-स्कूल संचालन, रिसर्च और शिक्षण जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकती हैं. इसके अलावा टेलरिंग और बुटीक शुरू कर स्वरोजगार भी स्थापित किया जा सकता है. बाल विकास की पढ़ाई के कारण प्ले-स्कूल खोलने का भी अवसर मिलता है.
नामांकन प्रक्रिया जारी, 60-60 सीटें उपलब्ध
उन्होंने आगे कहा कि कॉलेज में स्नातक और स्नातकोत्तर, दोनों स्तरों पर होम साइंस की 60-60 सीटें उपलब्ध हैं. प्रवेश के लिए छात्राओं को चांसलर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के बाद प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची जारी की जाती है. अगर छात्राएं इस विषय की वास्तविक उपयोगिता और करियर संभावनाओं को समझें, तो होम साइंस उनके उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार बन सकता है.