![]()
भाकपा (माओवादी) की एरिया कमेटी सदस्य अनिता किस्कू उर्फ बबिता (30) ने मंगलवार को अपने चार वर्षीय बेटे के साथ गिरिडीह पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। झारखंड सरकार की ‘नई दिशा-एक नई पहल’ पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने हथियार छोड़ने का फैसला किया। आत्मसमर्पण के बाद उसे 50 हजार रुपए की तत्काल सहायता दी गई। फिलहाल उसे केंद्रीय कारा गिरिडीह भेजा गया है। बाद में उसे हजारीबाग ओपन जेल स्थानांतरित किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, अनिता के खिलाफ गिरिडीह और पश्चिमी सिंहभूम के विभिन्न थानों में विस्फोटक अधिनियम, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत 15 मामले दर्ज हैं। अनिता ने बताया कि समय के साथ संगठन में कैडरों का मानसिक और शारीरिक शोषण बढ़ने लगा। ग्रामीणों के साथ मारपीट और बेगुनाहों की हत्याओं से उसका मोहभंग हो गया। तीन दिन पहले पति अजय महतो की गिरफ्तारी और पुलिस के लगातार दबाव के बाद उसने स्वेच्छा से मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। ‘नई दिशा’ नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण, 50 हजार की सहायता मिली
पूछताछ में अनिता ने बताया कि वर्ष 2009 में वह नाच-गान के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान वह माओवादी नेताओं के संपर्क में आ गई और संगठन में शामिल हो गई। वर्ष 2017 में उसने 25 लाख के इनामी माओवादी अजय महतो से शादी की। 2022 में उनके बेटे का जन्म हुआ। संगठन में सक्रियता के कारण उसे एरिया कमेटी सदस्य बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, अनिता संगठन के लिए लूटे गए हथियार, गोलियां और विस्फोटक जंगलों में छिपाने, लेवी वसूली कराने और पारसनाथ व कोल्हान क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती थी। एसपी बोले- गिरिडीह लगभग नक्सल मुक्त
अनिता किस्कू के सरेंडर के मौके पर एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि गिरिडीह अब लगभग नक्सल मुक्त हो चुका है। उन्होंने जंगल में सक्रिय अन्य नक्सलियों से भी सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर आत्मसमर्पण करने और सामान्य जीवन अपनाने की अपील की।
Source link