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8 साल की मेहनत लाई रंग! रांची के सुनील की 80 फ्लेवर...


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Ranchi Success Story: रांची के सुनील ने ‘अपना राजस्थान’ नाम से ब्रांड बनाया है. जहां वह 80 तरह की कैंडी बनाते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी 8 साल की मेहनत से आज सालाना टर्नओवर 15 लाख तक पहुंच गया है. उनके यहां 80 तरह के चटपटी कैंडी बनाते हैं. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.

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रांची: झारखंड में रांची के रहने वाले सुनील का अपना ब्रांड है, जिसका नाम अपना राजस्थान है. उन्होंने बताया कि वह 80 प्रकार के चटपटी कैंडी बनाते हैं. आंवला कैंडी, अनारदाना, नवरत्न पान, मुलेठी, खट्टी मीठी मुलेठी. इस तरीके के कई सारे फ्वलेर्स इनके पास उपलब्ध हैं. आज मेरा प्रोडक्ट दुकान के बड़े ब्रांड के बगल में रखा जाता है. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.

सुनील बताते हैं कि यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था, यह करीब 8 सालों की मेहनत है. जब शुरू में यह बनाया था तो दुकान -दुकान जाकर खुद ही प्रचार करते थे. तब लोग दूर से ही नजर फेर लेते थे. आज 8 साल लग गए और इन आठ सालों में आज हर दुकान में आपको मेरा यह प्रोडक्ट मिल जाएगा. आज सालाना टर्नओवर 15 लाख है, जो कभी मात्र 5000 होता था.

जानें सुनील की संघर्ष से सफलता की कहानी

सुनील ने बताया कि उनका संघर्ष काफी रहा है. जब आप कोई प्रोडक्ट बनाते हैं तो सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि लोगों तक कैसे पहुंचा जाए. आज उड़ीसा, छत्तीसगढ़, चेन्नई व अलग-अलग राज्यों में उनके प्रोडक्ट जाते हैं तो पहले हम लोगों ने मुफ्त में बहुत डेमो करवाया. उन्हें समझाया कि क्या चीज है. जब एक बार लोगों ने टेस्ट किया तो उन्हें हमारा टेस्ट समझ में आया, तब वह खुद हमें ऑर्डर कर देते हैं.

आज आपको रांची के लगभग हर किराना दुकान में बड़े ब्रांड के बगल में उनका चटपटा कैंडी जरूर मिलेगा. आंवला में नहीं भी तो हम कम से कम 5 फ्लेवर रखते हैं. जैसे खट्टी मीठी कैंडी, मीठी, तीखी, प्लैन. इस तरीके का आपको कई सारे प्रोडक्ट मिलेगें. नवरत्न पान हमारा इतना फेमस है कि आउट ऑफ स्टॉक हो जाती है. खाने के बाद लोग इसे खाना जरूरी समझते हैं. हर डिब्बे का दाम 150 रुपए होता है.

क्वालिटी से कोई समझौता नहीं

सुनील ने आगे बताया कि उनकी सबसे बड़ी ताकत क्वालिटी है. अगर आप ईमानदारी से क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करते हैं और दो-तीन साल सिर्फ और सिर्फ लोगों तक पहुंचने में ईमानदारी से लगाते हैं तो सफलता जरूर मिलेगी. हां, थोड़ी लेट हो सकती है पर सॉलिड और टिकाऊ रहेगी. उनका जब भी प्रोडक्ट बनता है तो 3-4 बार टेस्टिंग होती है. कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं, तब जाकर कहीं, लोगों तक ये पहुंचता है.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

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