भास्कर न्यूज|गुमला सरकार की महत्त्वाकांक्षी जनकल्याण और स्वरोजगार योजनाओं से हजारों लोग वंचित हैं। वजह है, कई योजनाओं के ऑनलाइन पोर्टल का लंबे समय से बंद होना। कहीं पोर्टल मेंटेनेंस के नाम पर बंद है, तो कहीं विभागीय लक्ष्य तय नहीं होने के कारण आवेदन प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी है। इसका सबसे अधिक असर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (सीएमईजीपी) पर पड़ा है। नई पात्र महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को आवेदन का अवसर नहीं मिल रहा है। लोग रोजाना संबंधित कार्यालयों और सीएससी सेंटरों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ पोर्टल खुलने का इंतजार करने की सलाह मिल रही है। पोर्टल बंद होने से सबसे अधिक परेशानी आम लोगों को उठानी पड़ रही है। महिलाएं मंईयां सम्मान योजना के लिए और बेरोजगार युवा रोजगार योजनाओं के लिए बार-बार जिला कार्यालय एवं सीएससी सेंटर पहुंच रहे हैं। हर बार उन्हें यही जानकारी दी जाती है कि पोर्टल खुलने के बाद ही आवेदन संभव होगा। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (सीएमईजीपी) की स्थिति भी बेहतर नहीं है। योजना का पोर्टल खुला है, जबकि पिछले दो वित्तीय वर्षों से जिले के किसी भी लाभुक को ऋण स्वीकृत नहीं हो सका है। जानकारी के अनुसार पिछले दो वर्षों में जिले में 647 से अधिक आवेदन जमा किए गए, लेकिन अब तक एक भी युवक या युवती को योजना का लाभ नहीं मिला। जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक रंजन ने बताया कि सभी आवेदन जिला समन्वय समिति द्वारा पारित कर स्वीकृति हेतु विभाग को भेज दिया गया है। जबकि 70 नए आवेदकों ने आवेदन किया है, जिले की बैठक में सत्यापन के उपरांत अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का पोर्टल जनवरी 2024 से बंद है। विभागीय स्तर पर लगातार पोर्टल के मेंटेनेंस की बात कही जा रही है, लेकिन करीब दो वर्षों से नई पात्र महिलाओं का ऑनलाइन आवेदन शुरू नहीं हो सका है। इससे बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना का लाभ लेने से वंचित हैं। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से कई बार विशेष शिविर लगाकर ऑफलाइन आवेदन भी लिए गए थे। हालांकि उन हजारों आवेदनों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं है। लाभुक लगातार कार्यालय पहुंचकर जानकारी ले रही हैं, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। वर्तमान में जिले में लगभग 1.54 लाख महिलाएं मंईयां सम्मान योजना का लाभ ले रही हैं। वहीं 50 वर्ष की आयु पूरी करने और मृत्यु जैसे कारणों से करीब 1500 लाभुकों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। इसके बावजूद नए पात्र लाभुकों को जोड़ने की प्रक्रिया पोर्टल बंद रहने की वजह से पूरी तरह प्रभावित है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत भी इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। वित्तीय वर्ष के चार महीने बीतने के बावजूद पोर्टल नहीं खुला है। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि विभाग से अब तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। इसका सीधा असर स्वरोजगार शुरू करने की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ा है। बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी के सहारे उद्योग स्थापित करने की योजना बना रहे बेरोजगार युवा महीनों से इंतजार कर रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी यही स्थिति रही थी। तब करीब नौ महीने बाद पोर्टल खुला था, जिसके बाद लगभग 175 युवाओं ने ऋण के लिए आवेदन किया था। इस बार भी देरी से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
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