रांची23 घंटे पहलेलेखक: विनय चतुर्वेदी
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एसआईआर की अंतिम तिथि 29 जुलाई जैसे-जैसे समीप आ रही है, मृत, अनुपस्थित, डबल या फिर अपात्र मतदाताओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। अब तक ऐसे 23 लाख 54 हजार 920 वोटर चिह्नित हुए हैं, जिनका नाम वोटर लिस्ट से हटाना है। 29 जुलाई तक इनकी संख्या और भी बढ़ेगी। 5 अगस्त को ड्राफ्ट पब्लिकेशन होगा। जिसके बाद वोटर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
रांची विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 1 लाख 18 हजार 206 वोटरों के नाम हटेंगे। बोकारो दूसरे स्थान पर है। यहां 83 हजार 689 और तीसरे स्थान पर हटिया विधानसभा क्षेत्र है, जहां 57 हजार 718 वोटरों के नाम हटेंगे। इसके बाद बड़कागांव, झरिया, मांडु, कोडरमा, धनबाद, कांके और भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र आते हैं।
अभी छह दिन का समय है, इस दौरान यह संख्या और भी बढ़ेगी। शुक्रवार शाम तक राज्य निर्वाचन कार्यालय को मिली सूचना के अनुसार झारखंड के 23 लाख 54 हजार 920 वोटरों के इन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हुए हैं। ऐसे में इनके नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं रहेंगे। यह उन मतदाताओं की संख्या है, जो अनुपस्थित है या मृत पाए गए हैं या उनके नाम दो जगहों पर अंकित थे या वे स्थानांतरित होकर दूसरी जगहों पर चले गए हैं या फिर वे भारतीय नहीं हैं।
अब तक 5 लाख 85 हजार 288 मतदाता मृत पाए गए राज्य की वर्तमान मतदाता सूची में अब तक 5 लाख 85 हजार 288 मतदाता मृत पाए गए हैं। यह कुल वोटरों का 2.21% है। वर्ष 2026 की मतदाता सूची में मतदाताओं की कुल संख्या 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 है। मैपिंग के बाद 2 करोड़ 63 लाख 30 हजार 846 (99.50%) मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराए गए। भरे हुए फॉर्म के डिजिटाइजेशन की कुल संख्या 2 करोड़, 9 लाख 28 हजार 990 है। इनके नाम 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची में प्रकाशित होंगे।
नाम हटने के कारण और आंकड़े अनुपस्थित मतदाताओं की अब तक की संख्या – 5,00,563
स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या – 9,96,403
अन्य स्थानों पर पहले से ही नामांकित वोटर: 2,62,676
इन्यूमरेशन फॉर्म में हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले – 9,990
कुल इन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटाइजेशन की संख्या – 2,32,83,910
शिकायत : वोट झारखंड में, मैपिंग बिहार में हरमू के अशोक मुखर्जी की शिकायत है कि उनका जन्म झारखंड में हुआ। वे शुरू से हटिया विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, पर बीएलओ ने बताया कि उनके नाम की मैपिंग बिहार में हो गई है। वे कभी वहां के वोटर भी नहीं रहे। बीएलओ का कहना है कि जब तक बिहार से उनका नाम नहीं कटेगा, यहां पर नहीं जुड़ेगा। वे परेशान हैं। ऐसे और भी वोटरों ने दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंच कर अपनी पीड़ा बताई।
लिट्टीपाड़ा विस में सबसे कम वोटरों के नाम हटेंगे लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में अब तक सबसे कम 3599 वोटरों के नाम हटेंगे। इसी प्रकार बरहेट में 7491, महेशपुर में 9612, नाला में 13389 वोटरों के नाम हटेंगे।
वैसे 10 विस क्षेत्र जहां सबसे अधिक नाम हटेंगे
| विधानसभा क्षेत्र (Constituency) | वोटरों की संख्या (Number of Voters) |
| रांची | 1,18,206 |
| बोकारो | 83,689 |
| हटिया | 57,718 |
| बड़कागांव | 52,171 |
| झरिया | 51,371 |
| मांडु | 50,281 |
| कोडरमा | 49,094 |
| धनबाद | 47,794 |
| कांके | 47,060 |
| भवनाथपुर | 45,382 |
भाजपा जहां मजबूत, वहां पर सर्वाधिक पड़ेगा प्रभाव : भाजपा जहां मजबूत है, वहां पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ेगा। शहरी क्षेत्रों में ज्यादातर वोटरों के नाम हटने की स्थिति बन रही है। यह क्षेत्र भाजपा के गढ़ के रूप में जाने जाते हैं। जिन विधानसभा क्षेत्रों में घुसपैठ के आरोप लगाए जाते रहे हैं, वहां नाम हटाए जाने की सूची में अपेक्षाकृत कम वोटर हैं। पाकुड़ विधानसभा में मात्र 10276, राजमहल में 16662 और मधुपुर में 18373 वोटरों के नाम अब तक हटाए जानेवाले की सूची में है।
फॉर्म वितरण में तमाड़ आगे, डिजिटाइजेशन में सिल्ली टॉप पर, रांची में भी अभियान तेज एसआईआर-2026 के तहत रांची जिले में मतदाता सूची को अपडेट करने का काम मिशन मोड में जारी है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ घर-घर जाकर अभियान चला रहे हैं। 24 जुलाई दोपहर 12 बजे तक जिले के कुल 26,74,681 मतदाताओं में से 26,53,391 (99.20%) को एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे जा चुके हैं। इनमें से 20,06,577 (75.02%) फॉर्म का डिजिटाइजेशन और 17,69,243 (88.17%) फॉर्म का बीएलओ सत्यापन पूरा। इसके अलावा 31,227 नागरिकों ने खुद ऑनलाइन फॉर्म जमा किए हैं।
