Last Updated:
Hair Care Tips: गुड़हल सिर्फ पूजा का फूल नहीं, बल्कि बालों का प्राकृतिक डॉक्टर भी है. इसके फूल और पत्तों से बना खास हेयर ऑयल बालों की कई समस्याओं को दूर कर सकता है. इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. इसके नियमित इस्तेमाल से चमत्कारिक फायदे मिलते हैं. जानिए इसे बनाने का सही तरीका.
पलामूः भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सर्वोच्च स्थान दिया गया है. जहां पेड़-पौधों से लेकर फूलों तक की पूजा की परंपरा सदियों से चली आ रही है. इन्हीं में गुड़हल का फूल विशेष महत्व रखता है. लाल रंग का यह फूल देवी दुर्गा, मां काली और भगवान गणेश की पूजा में अर्पित किया जाता है. लेकिन धार्मिक महत्व के साथ-साथ गुड़हल आयुर्वेद में भी औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है. खासकर बरसात के मौसम में जब बाल झड़ने, रूसी और सिर की अन्य समस्याएं बढ़ जाती हैं, तब यह फूल प्राकृतिक उपचार के रूप में काफी लाभकारी साबित हो सकता है.
पलामू जिले के आयुर्वेद के जानकर शिव कुमार पांडे ने लोकल18 को बताया कि गुड़हल के फूल और पत्तियों में ऐसे कई प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं, जो बालों की जड़ों को पोषण देने के साथ सिर की त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. नियमित और सही तरीके से इसका उपयोग करने पर बालों का झड़ना कम हो सकता है. साथ ही रूसी, जुओं की समस्या और स्कैल्प से जुड़ी कई परेशानियों में भी राहत मिल सकती है.
गुड़हल से ऐसे बनाएं हेयर ऑयल
उन्होंने आगे बताया कि घर पर आसानी से गुड़हल का हेयर ऑयल तैयार किया जा सकता है. इसके लिए 8 से 10 ताजे गुड़हल के फूल और 5 पत्तियों को अच्छी तरह धोकर पीस लें. इसके बाद इस पेस्ट को लगभग 10 मिलीलीटर नारियल तेल में मिलाकर हल्की आंच पर कुछ देर गर्म करें. मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे छानकर कांच की बोतल में सुरक्षित रख लें. यह प्राकृतिक हेयर ऑयल तैयार हो जाएगा.
आगे कहा कि इस तेल का सप्ताह में दो बार सिर की हल्के हाथों से मालिश करते हुए इस्तेमाल करना लाभकारी हो सकता है. इससे बालों की जड़ों को पोषण मिलता है, रक्त संचार बेहतर होता है और बाल मजबूत बनने लगते हैं. नियमित उपयोग से बाल लंबे, घने और चमकदार बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है.
आयुर्वेद विशेषज्ञ से लें सलाह
उन्होंने यह भी कहा कि गुड़हल की तासीर शीतल मानी जाती है. इसमें प्राकृतिक जीवाणुरोधी (एंटीबैक्टीरियल) और कीटाणुनाशक गुण पाए जाते हैं, जो सिर की त्वचा को संक्रमण से बचाने में सहायक हो सकते हैं. हालांकि यदि किसी व्यक्ति को गंभीर स्कैल्प संक्रमण, एलर्जी या लगातार बाल झड़ने की समस्या हो, तो घरेलू नुस्खों के साथ किसी योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना भी जरूरी है.
आगे कहा कि बरसात के मौसम में महंगे हेयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय घर के आंगन में आसानी से मिलने वाला गुड़हल का फूल बालों की प्राकृतिक देखभाल का एक प्रभावी विकल्प बन सकता है.धार्मिक आस्था से जुड़ा यह फूल स्वास्थ्य और सौंदर्य, दोनों के लिए प्रकृति का अनमोल उपहार माना जाता है.
About the Author
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.