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Jamshedpur Nand Bhabhi Nashta Stall: जमशेदपुर में ननद-भाभी प्रियंका और पूर्णिमा गोस्वामी ने ‘चटकारा’ नाम से नाश्ते का स्टॉल खोलकर शहर में अलग पहचान बनाई है. उनके दही भल्ला चाट और पराठे काफी मशहूर हैं. स्वाद लेने लोग दूर-दूर से आते हैं.
जमशेदपुर. फिल्मों और टीवी सीरियलों में अक्सर ननद और भाभी की नोकझोंक देखने को मिलती है. लेकिन जमशेदपुर में एक ऐसी ननद-भाभी की जोड़ी है, जिसने अपने प्यार, मेहनत और स्वाद के दम पर पूरे शहर में अलग पहचान बना ली है. हम बात कर रहे हैं प्रियंका गोस्वामी और पूर्णिमा गोस्वामी की, जो एग्रीको गोलचक्कर के पास ‘चटकारा’ नाम से अपना नाश्ते का स्टॉल चलाती हैं. हर सुबह यहां स्वादिष्ट नाश्ता करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है.
सुबह 8 बजे से शुरू हो जाता है स्टॉल
सुबह करीब 8 बजे से स्टॉल शुरू हो जाता है. यहां आने वाले ग्राहकों को दही भल्ला चाट, आलू पराठा, सत्तू पराठा, पोहा, पूरी-छोले समेत कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं. खास बात यह है कि हर चीज घर जैसे स्वाद और साफ-सफाई के साथ तैयार की जाती है. यही वजह है कि एक बार यहां आने वाला ग्राहक दोबारा जरूर लौटकर आता है.
काम करने की सोची
प्रियंका और पूर्णिमा बताती हैं कि घर के काम खत्म करने के बाद उनके पास काफी समय बच जाता था. तभी दोनों ने सोचा कि क्यों न इस समय का सही उपयोग किया जाए और ऐसा काम शुरू किया जाए, जिससे खुद की पहचान भी बने और लोगों को अच्छा खाना भी मिले. इसी सोच के साथ उन्होंने ‘चटकारा’ की शुरुआत की. शुरुआत में ग्राहकों की संख्या कम थी, लेकिन धीरे-धीरे उनके स्वाद और व्यवहार ने लोगों का दिल जीत लिया.
बार-बार आने पर मजबूर कर देता है स्वाद
आज स्थिति यह है कि सुबह स्टॉल खुलते ही ग्राहकों की लाइन लग जाती है. कई लोग अपने नंबर का इंतजार करते हैं. यहां नाश्ता करने आए ग्राहकों का कहना है कि वे रोज यहां आते हैं. कुछ लोग तो घर से नाश्ता करने के बाद भी सिर्फ दही भल्ला या पराठा खाने के लिए यहां जरूर पहुंचते हैं. उनका कहना है कि यहां का स्वाद और अपनापन उन्हें बार-बार आने के लिए मजबूर कर देता है.
स्टॉल की सबसे बड़ी खासियत यहां का दही भल्ला चाट है. ग्राहकों का कहना है कि इसका स्वाद इतना लाजवाब है कि एक प्लेट खाने के बाद लंबे समय तक कुछ और खाने का मन नहीं करता. इसके अलावा आलू और सत्तू के पराठे भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं.
छोटी शुरुआत से बड़ी पहचान
प्रियंका और पूर्णिमा की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर परिवार का साथ, मेहनत और कुछ नया करने की इच्छा हो, तो छोटी शुरुआत भी बड़ी पहचान दिला सकती है. आज यह ननद-भाभी की जोड़ी सिर्फ स्वादिष्ट नाश्ता ही नहीं परोस रही, बल्कि जमशेदपुर की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी बन रही है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …
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