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LB Singh’s Rs 1.02 crore seized, mutual funds worth Rs 160 crore...


रांची19 घंटे पहले

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने धनबाद और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन, तस्करी और लेवी वसूली के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को शुरू हुई 31 ठिकानों पर छापेमारी बुधवार को पूरी हुई। पीएमएलए, 2002 के तहत अनिल गोयल, एल.बी. सिंह, हरेंद्र चौहान और उनके सहयोगियों व रिश्तेदारों के नेटवर्क पर हुई इस कार्रवाई में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं।

ईडी ने एल.बी. सिंह के करीब 160 करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा अलग-अलग परिसरों से 1.02 करोड़ रुपए का अघोषित कैश जब्त किया गया। जांच में 200 से ज्यादा अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, सेल डीड और अन्य अहम रिकॉर्ड भी मिले हैं। एजेंसी को आशंका है कि ये संपत्तियां अपराध की कमाई से खरीदी गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 500 करोड़ से अधिक हो सकती है। ईडी ने आरोपियों के नियंत्रण वाली संस्थाओं के लेखा-जोखा से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। -शेष पेज 9 पर

पहली कार्रवाई: नवंबर 2025 में छापे के दौरान मिले थे कई सुराग

यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने इस नेटवर्क पर कार्रवाई की है। इससे पहले नवंबर 2025 में भी अनिल गोयल, एल.बी. सिंह और उनके सहयोगियों के धनबाद व दुमका स्थित करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। तब डेढ़ सौ से अधिक जमीन के दस्तावेज और 2.20 करोड़ रुपए नकद मिले थे। जांच में अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े साक्ष्य भी मिले थे। उसी कार्रवाई में मिले डिजिटल सुरागों और दस्तावेजों की कड़ियां जोड़ने के बाद ईडी ने अब यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की है।

पुलिस की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने बढ़ाई जांच

ईडी की जांच पुलिस की दर्ज एफआईआर और कोर्ट में दाखिल चार्जशीट पर आधारित है। पुलिस जांच में पता चला कि यह सिंडिकेट धनबाद व आसपास के जिलों में अवैध कोयला खनन, तस्करी व कोयला उठाव पर अवैध लेवी वसूली के संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था। आरोपियों ने अपराध से अर्जित बड़ी रकम को अलग-अलग संस्थाओं और लोगों के जरिए घुमाकर वैध दिखाने की कोशिश की। इसी रकम से चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

आगे क्या…समन करेगा ईडी, संपत्तियों को किया जाएगा प्रोविजनल अटैच ईडी अब संबंधित कारोबारियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए रांची बुलाएगा। 160 करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड निवेश और कथित बेनामी संपत्तियों की लेयरिंग की जांच होगी। संबंधित सीए, अकाउंटेंट और वित्तीय सलाहकार भी एजेंसी के रडार पर रहेंगे। जांच का फोकस इस बात पर होगा कि फर्जी कंपनियों के जरिए अघोषित नकदी को बैंकिंग सिस्टम में वैध रूप कैसे दिया गया। साक्ष्यों का मिलान होते ही ईडी इन संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट की प्रक्रिया शुरू करेगा।

छापे में क्या मिला

160 करोड़: एल.बी. सिंह के म्यूचुअल फंड फ्रीज।

1.02 करोड़ रुपए: अघोषित नकद जब्त।

200 अचल संपत्तियां : दस्तावेज-सेल डीड जब्त।

डिजिटल साक्ष्य : कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और शेल कंपनियों के लेखा-जोखा से जुड़े दस्तावेज जब्त।



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