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लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 समारोह के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने एनएसए अजित डोभाल के साथ हुई अपनी पहली मुलाकात का जिक्र किया है. उन्होंने माना कि इस मुलाकात के बाद वह भी मान गए थे कि बंदे में दम तो है. यह मुलाकात कब और कैसे हुई. आखिर ऐसा क्या हुआ कि गृहमंत्री अमित शाह को उनका दम मानना पड़ा, जानने के लिए विस्तार से पड़े पूरी कहानी.
गृहमंत्री अमित शाह ने आज एनएसए अजित डोभाल के साथ हुई पहली मुलाकात की रोचक कहानी बताई है.
HM Amit Shah & Ajit Doval First Meeting: यह कहानी देश को उन दो दिग्गजों की मुलाकात की है, जिसके बाद दोनों एक-दूसरे के हुनर को सलाम करने को मजबूर हो गए. जी हां, इस कहानी में पहले दिग्गज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और दूसरे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल है. इस मुलाकात के बाद गृहमंत्री शाह को भी यह मानना पड़ा था कि बंदे में दम तो है. दरअसल, दोनों के बीच हुई इस पहली मुलाकात की कहानी आज खुद गृहमंत्री अमित शाह ने पुणे में आयोजित एक पुरस्कार समारोह के दौरान बयान की है. इस समारोह में एनएसए अजित डोवाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
अपनी इस पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि जब वह गुजरात के गृहमंत्री थे, तब से वह अजित डोभाल को जानते हैं. अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट से पहले तक उनका अजित डोभाल से व्यक्तिगत परिचय नहीं था. उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे. उन्होंने कहा था कि यह सिर्फ एक बम ब्लास्ट नहीं, बम ब्लास्ट के पीछे लोग हैं और देश भर में जितने भी बम ब्लास्ट हुए हैं, उसकी जांच गुजरात पुलिस को करनी चाहिए. तब उन्होंने मुझसे उन्होंने अजीत डोभाल को बुलाने के लिए कहा था.
उन्होंने मुझसे कहा था कि आप अजीत डोभाल को बुलाइए और गुजरात पुलिस के कुछ अफसरों के साथ चर्चा करिए. गृहमंत्री अमित शाह ने आगे बताया कि उन्हें याद है कि अजित डोभाल दोपहर के वक्त उनसे मिलने उनके घर आए थे. इसके बाद, उन्होंने जो टिप्स दी थी, इसका परिणाम यह था कि नकेवल अहमदाबाद बम ब्लास्ट, बल्कि देश के सभी 13 बम ब्लास्ट एक साथ गुजरात पुलिस ने रिजॉल्व किए थे. अजीत डोभाल की मदद से गुजरात पुलिस को बहुत बड़ी उपलब्धि मिली थी.
पीएम मोदी और एनएसए डोभाल से जुड़ा किस्सा…
गृहमंत्री अमित शाह ने इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और एनएसए से जुड़े एक रोचक किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने सबसे पहला रार्ष्टीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर अजित डोभाल की नियुक्ति का लिया था. उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री प्रिंसिपल सेक्रेटरी की नियुक्ति नहीं की, बल्कि एनएसए के तौर पर अजित डोभाल को चुना. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का इतिहास लिखा जाएगा और भारत की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा का आकलन किया जाएगा, तब अजित डोभाल के योगदान के लिए इतिहास में एक स्वर्णिम पृष्ठ सुरक्षित रखना ही पड़ेगा.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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