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पंचायतनामा जिले के जरीडीह प्रखंड िस्थत टांड़ मोहनपुर पंचायत में मां मंगला चंडी मंदिर और बांका पुल आस्था, इतिहास और सामाजिक समरसता के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी नींव हिंदू और मुस्लिम दोनों संप्रदायों ने मिलकर रखी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार जब बोकारो में बीएसएल प्लांट स्थापित हुआ, उसी दौरान 1962-63 में टांड़ मोहनपुर में मां चंडी मंदिर की नींव रखी गई। मंदिर निर्माण में टांड़बालीडीह के मुस्लिम संप्रदाय के सौदागर परिवार ने अहम भूमिका निभाई। वहीं हिंदू संप्रदाय के सभी वर्गों ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। शुरुआत में मंदिर झोपड़ी नुमा था। उस समय हिंदू और मुस्लिम दोनों संप्रदाय के लोग यहां मकर संक्रांति और अन्य धार्मिक आयोजनों पर मिलकर खिचड़ी बनाते और प्रसाद के रूप में वितरित करते थे। यह परंपरा लगभग दो दशक तक चली। टांड़ मोहनपुर जनसंख्या 12500 मन्नत और जन सहयोग से बदली मंदिर की तस्वीर लगभग 30 वर्ष पूर्व जैनामोड़ के भुचुंगडीह निवासी शंभू पाठक को संतान नहीं होने पर उन्होंने यहां मन्नत मांगी। मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने मंदिर की ढलाई करवाई। इसके बाद देवघर के विनय कुमार चौधरी के परिवार ने मंदिर में टाइल्स-मार्बल लगवाया। 2022-23 में आसपास के लोगों के सहयोग से मंदिर का भव्य निर्माण संपन्न हुआ। बेरमो विधायक अनूप सिंह ने यहां यात्री शेड बनवाया व हाई मास्क लाईट लगवाया। वहीं जैना मुखिया आनंद ने यहां आरसीसी चेयर लगवाया। कहा जाता है कि बीएसएल कर्मी जब मासिक वेतन लेकर यहां से गुजरते थे तो लूटपाट होती थी। इसे रोकने के लिए लोगों ने पहरा देना शुरू किया। इसी दौरान मंदिर स्थापना का विचार आया। नदी किनारे जल स्रोत देखकर यहां एक कूप भी बनवाया, जहां मुसाफिर और साधु-संत अपनी प्यास बुझाते थे। कनेक्टिविटी लोगों ने की पर्यटन केंद्र बनाने की मांग वर्तमान में मुखिया उर्मिला कुमारी व अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि इस स्थान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग कर रही हैं। पूर्व मुखिया मीना कुमारी के समय मंदिर परिसर पर महिलाओं एवं बच्चों के खेलने कूदने के लिए आकर्षक जिम सेंटर भी स्थापित की। ईसाई समुदाय के एमजे होरो परिवार ने शुद्ध पेयजल के लिए नल और पशु-पक्षियों के लिए नाद लगवाया है। ओल्ड एनएच से गुजरने वाले हर राहगीर का ध्यान बरबस इस मंदिर की ओर जाता है और श्रद्धा से सिर झुक जाता है। पूर्व मे गोमती नाला, झारखंड सरकार का नर्सरी, पश्चिम में जैना पंचायत, उत्तर में फोरलेन, दक्षिण में करहरिया। सभी तरह के वाहनों से आना-जाना होता है। जिला मुख्यालय से दूरी 20 किमी पहचान मां चंडी मंदिर साक्षरता दर 70 प्रतिशत टांड़मोहनपुर में स्थित मां मंगला चंडी के मंदिर में पूजा अर्चाना को पहुंचे श्रद्धालु।
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