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11 मुकदमे, कई आंदोलन और अब आमरण अनशन… कौन हैं देवेंद्र नाथ...


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Who is Devendra Nath Mahto: रांची में जेपीएससी और JSSC में धांधली के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का आज 11वां दिन है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z प्रोटेस्ट की तरह ही छात्र दिन-रात जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना दे रहे हैं. यहां पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की तरह ही एक शख्स देवेंद्र नाथ महतो भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. उनकी खूब चर्चा हो रही है. ऐसे में जानिए आमरण अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं?

11 मुकदमे, कई आंदोलन और अब आमरण अनशन... कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?Zoom

रांची में आमरण अनशन पर देवेंद्र नाथ महतो. (फोटो क्रेडिटः इंस्टाग्राम devmahto_6040)

रांचीः दिल्ली के बाद झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों छात्रों के आंदोलन का केंद्र है. यहां जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC और JSSC में कथित धांधली के खिलाफ हजारों छात्र सड़कों पर हैं. इसी आंदोलन के बीच एक चेहरा सबसे ज्यादा चर्चा में है-देवेंद्र नाथ महतो. छात्र उन्हें झारखंड का ‘सोनम वांगचुक’ कहने लगे हैं. इसकी वजह है उनका आमरण अनशन. देवेंद्र नाथ का कहना है कि जब तक JPSC और JSSC में पारदर्शिता नहीं आएगी. भर्ती प्रक्रिया में सुधार नहीं होगा, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा.

एक मीडिया चैनल से बातचीत में देवेंद्र नाथ महतो बताते हैं कि 5 जुलाई को JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आने के बाद उन्होंने आंदोलन शुरू किया. उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां हुईं, जिनके सबूत अब सार्वजनिक हो चुके हैं. उनका कहना है कि जब तमाम कोशिशों के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो उनके पास आमरण अनशन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा. इस आंदोलन को देश के कई सामाजिक संगठनों और छात्र समूहों का भी समर्थन मिल रहा है.

कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?
रांची जिले के राहे प्रखंड के कापीडीह गांव से आने वाले देवेंद्र नाथ महतो का सफर संघर्षों से भरा रहा है. उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और मैट्रिक, इंटर, ग्रेजुएशन, बीएड और दो विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन प्रथम श्रेणी से पूरा किया. संस्कृत और क्षेत्रीय भाषा में उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद उन्होंने नौकरी की बजाय छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को अपना रास्ता चुना.

मां को खोया, लेकिन आंदोलन नहीं छोड़ा
देवेंद्र नाथ महतो कई साल से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, छात्रवृत्ति, नियोजन नीति और भर्ती घोटालों जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं. 6वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी मां को भी खो दिया, लेकिन इसके बावजूद छात्रों की लड़ाई से पीछे नहीं हटे.

लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं
देवेंद्र नाथ महतो ने 2024 का लोकसभा चुनाव झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के टिकट पर रांची सीट से लड़ा था. चुनाव में उन्हें 1,32,647 वोट मिले थे. इसके बाद उन्होंने सिल्ली विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ा. चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के अनुसार उनके पास करीब 1.66 लाख रुपये की संपत्ति है.

11 मुकदमे भी हैं दर्ज
छात्र आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभाने की वजह से देवेंद्र नाथ महतो पर 11 मामले दर्ज हैं. हालांकि उनके समर्थकों का कहना है कि ये सभी मामले छात्र हितों की लड़ाई लड़ने के दौरान दर्ज हुए. आज JPSC और JSSC भर्ती विवाद के बीच देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के हजारों युवाओं की उम्मीद बन चुके हैं. उनका आमरण अनशन राज्य की राजनीति और भर्ती व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.

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Mahesh Amrawanshi

Journalist with a sharp focus on Bihar and Jharkhand, covering politics, crime, and trending stories with a strong ground-level perspective. Passionate about listening to stories, understanding them deeply, and…

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