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JPSC-JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले 13 दिनों से आंदोलन चल रहा है. इस बीच अब प्रदर्शनकारी छात्रों से राहुल गांधी ने फोन पर बातचीत की है. करीब 10 मिनट की बातचीत में उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनीं, आंदोलन को समर्थन दिया और मांगों का ज्ञापन व्हाट्सएप पर भेजने को कहा. छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी घोषित किया है, जबकि 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का आह्वान किया गया है.
राहुल गांधी ने रांची में आंदोलनकारी छात्रों से की बात, मांगों की सूची मांगी
JPSC-JSSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची में सीजेपी की तरह ही प्रोटेस्ट जारी है. झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है. पिछले 13 दिनों से स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं. अब उनके आंदोलन की गूंज राहुल गांधी तक पहुंच गई है. जी हां, जेपीएससी और जेएसएससी प्रोटेस्ट के छात्रों से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार की रात को फोन पर बातचीत की. करीब 10 मिनट तक चली इस बातचीत में उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनीं. राहुल गांधी ने आंदोलन को समर्थन दिया और उनकी मांगों की सूची व्हाट्सएप पर भेजने को कहा.
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी एग्जाम में अनियमितता को लेकर धरना-प्रदर्शन हो रहा है. धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई. बातचीत के दौरान छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक, लंबित नियुक्तियों और आंदोलन की मौजूदा स्थिति से उन्हें अवगत कराया. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कई दिनों से धरना और अनशन पर बैठे हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं.
राहुल गांधी ने क्या भरोसा दिलाया
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए.
Ranchi, Jharkhand: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi spoke to the protesting students over the phone, extended his support to their movement, and said that the government would invite them for talks tomorrow. pic.twitter.com/gXYp5L6C9a