IMD Weather Today: दुनियाभर के मौसम विज्ञानियों ने मानसूनी बारिश के दुश्मन अल नीनो (El-Nino) के एक्टिव होने का पूर्वानुमान जताया है. अल नीनो वह मौसमी दशा है, जिससे भारत में होने वाली बारिश बुरी तरह से प्रभावित होती है. इसकी वजह से दक्षिण-पश्चिम मानसून पर ग्रहण लग जाता है, ऐसे में सूखा पड़ने और गंभीर जलसंकट की स्थिति पैदा होने की आशंका बढ़ जाती है. वेदर एक्सपर्ट की भविष्यवाणी की मानें तो प्रशांत महासागर में अल नीनो एक्टिव हो चुका है. इसके संकेत भी मिलने का भी दावा किया गया है, लेकिन इस बार भारतीय मानसून पर अभी तक इसका असर देखने को नहीं मिला है. देश के तकरीबन हर कोने में जोरदार बारिश हो रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आनेवाले दिनों में भी बारिश होने की संभावना जताई है. मानसून की मौजूदा स्थिति खरीफ फसल और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत भी है. जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल और हिमाचल से लेकर दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा और नॉर्थईस्टर्न स्टेट्स में लगातार बारिश हो रही है. केरल, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बारिश ने सामान्य जनजीवन को पटरी से उतार दिया है.
भारत के कई राज्यों में मौसम के अचानक बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. IMD ने आंध्र प्रदेश और झारखंड के कुछ जिलों के लिए रेड वार्निंग जारी करते हुए तेज आंधी, आकाशीय बिजली और भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि कई अन्य राज्यों के जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली, विशाखापट्टनम और विजयनगरम जिलों में गरज-चमक के साथ लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की तीव्र बारिश होने की संभावना है. इसी तरह झारखंड के चतरा, हजारीबाग, लातेहार और लोहरदगा जिलों के लिए भी रेड वार्निंग जारी की गई है.
केरल में बारिश से हालात खराब हैं.
इन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट
इसके अलावा कई राज्यों के विभिन्न जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स, री भोई और वेस्ट खासी हिल्स में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. केरल के अलप्पुझा, एर्नाकुलम, इडुक्की, कन्नूर, कोल्लम, कोट्टायम, कोझिकोड, मलप्पुरम, पथानमथिट्टा, तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर सहित लक्षद्वीप क्षेत्र में भी 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और मध्यम बारिश होने का अनुमान है. तमिलनाडु के चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर, तेलंगाना के सिद्धिपेट, ओडिशा के कटक, ढेंकानाल, जाजपुर और खुर्दा, उत्तराखंड के देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ तथा आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू और पर्वतीपुरम मन्यम जिलों के लिए भी ऑरेंज चेतावनी जारी की गई है.
यहां तेज हवा के साथ बारिश
मध्य प्रदेश के अनुपपुर, छतरपुर, डिंडोरी, कटनी, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जशपुर, कोरबा, कोरिया, रायगढ़, सुकमा, सूरजपुर और सरगुजा के साथ-साथ झारखंड के गढ़वा, गुमला, पलामू, रामगढ़ और रांची जिलों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की गई है. IMD ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें, अनावश्यक यात्रा से बचें, सड़क और यातायात की स्थिति की जानकारी लेकर ही बाहर निकलें तथा स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.