जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार की रात छात्रों से सरकार के डेलिगेशन ने बात की। रांची के मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में छात्रों और सरकार के डेलिगेशन के बीच ए
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मीटिंग खत्म होने के बाद राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, ‘यह हमारी पहली बैठक थी, जो बहुत सकारात्मक रही। सभी के साथ बैठकर परिवार जैसा महसूस हुआ। यह वाकई एक सकारात्मक बैठक थी। हमें भरोसा है कि सरकार, मुख्यमंत्री और सभी मंत्री हमारी मांगों को मानेंगे। मांग पूरी होने तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, सरकार ने माना कि यह केवल वर्तमान छात्रों का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
विधानसभा घेराव कार्यक्रम तय समय पर होगा
फिलहाल सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, छात्र स्पष्ट करना चाहते हैं कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है। 10 अगस्त तक JPSC और JSSC से संबंधित सभी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
यदि 10 अगस्त तक मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो पूर्व निर्धारित विधानसभा घेराव कार्यक्रम तय समय पर होगा। यह घेराव पूरी ताकत, एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा।

शुक्रवार की रात छात्रों से सरकार के डेलिगेशन ने बात की।
वहीं, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा, ‘हमने छात्रों के साथ अच्छे माहौल में बैठक की। छात्रों की मांगों को समझा। सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रतिबद्ध है।’
सरकार की ओर से मंत्री चमरा लिंडा, सुदिव्य सोनू, दीपिका पांडे सिंह और संजय सिंह बैठक में मौजूद थे। वहीं, छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार थे।
नेहा बोरा पर युवक ने स्याही फेंकी
इससे पहले छात्रों के समर्थन में शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (AISA) के कार्यकर्ता विधानसभा घेरने निकले थे। इस दौरान AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने स्याही फेंकी। उसे हिरासत में ले लिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ा है।
छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड CM हेमंत सोरेन ने कहा, ‘हमने छात्रों को अपनी बात रखने के लिए पहले ही सभी जरूरी मंच उपलब्ध करा दिए हैं। सरकार छात्रों की समस्याओं को समझना चाहती है।’
इधर, 4 दिन से अनशन पर बैठे आंदोलनकारी राहुल क्रांति की शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया है। देवेंद्र नाथ समेत 6 आंदोलनकारी भूख हड़ताल पर हैं।
वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर कहा कि 13 अगस्त तक छात्रों की मांगों पर फैसला नहीं हुआ, तो वह अपनी पार्टी से अनुमति लेकर आंदोलन में शामिल होंगे। जरूरत पड़ी तो वह छात्रों के समर्थन में अनशन भी करेंगे।
छात्रों के प्रदर्शन की फोटोज

छात्रों के समर्थन में AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा रांची पहुंचीं और विधानसभा घेराव में शामिल हुईं, इसी दौरान उनपर स्याही फेंकी गई।

AISA कार्यकर्ता झारखंड विधानसभा का घेराव करने निकले।

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और ब्रह्मनाथ की लगातार छठे दिन भूख हड़ताल जारी है।

देर रात एसडीओ और एसडीम लॉ-एंड-ऑर्डर जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे और छात्रों से बात की।
नेहा बोलीं- आंसू गैस से नहीं डरे तो स्याही क्या चीज है
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर AISA ने पहले ही विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इसी दौरान AISA ने छात्रों के समर्थन में झारखंड विधानसभा तक मार्च निकाला।
नेहा बोरा ने इससे पहले स्टेडियम पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और आंदोलन को अपना समर्थन दिया था। नेहा बोरा ने कहा-
झारखंड और पूरे देश में होने वाली हर परीक्षा सरकारी संस्थाओं द्वारा पारदर्शी और तरीके से होनी चाहिए। जब भी कोई पेपर लीक होता है, तो उसकी जिम्मेदारी सिर्फ प्राइवेट एजेंसियों पर नहीं डाली जा सकती। संबंधित सरकारी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा- हम मांग करते हैं कि सिस्टम में शामिल और जिन पर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन सभी प्राइवेट एजेंसियों को हटाया जाना चाहिए।

शुक्रवार को छात्रों से मिलने पहुंचे SDM
शुक्रवार को एसडीएम स्टेडियम पहुंचे और छात्रों से बात की। एसडीएम ने सरकार का पक्ष रखा और वार्ता में शामिल होने वाले छात्रों का नाम प्रतिनिधीमंडल में देने की बात कही। उन्होंने कहा- केवल छात्रों से ही बात की जाएगी। इसके बाद छात्रों ने नाम में संशोधन किया और 10 स्टूडेंट को शामिल किया गया।

छात्र बोले- सरकार हमारी सुन नहीं सकती तो इस्तीफा दे
- प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम ने कहा, ‘हमारे हालात सरकार को दिखाई नहीं दे रहे हैं। सरकार से प्रार्थना है कि सुन लीजिए। आपको छात्रों की समस्या कोई समस्या लगती ही नहीं जबकि ये न केवल समस्या है बल्कि हत्या है, हमारे अधिकारों की हत्या है।’
- 6 दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ ने कहा, ‘सरकार को हमारी चिंता नहीं है। 3 दिन से बस बातचीत का माहौल बनाया जा रहा है। देश की आजादी में इतने लोग शहीद हुए तो हमें लगता है कि यदि JPSC-JSSC के सुधार के लिए कुर्बानी के रास्ते पर भी जाना पड़े तो ये गलत नहीं है। हम मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाएंगे जिसमें धांधली और पेपर लीक नामुमकिन हो।

मास्टरमाइंड से लगातार 10 दिनों तक पूछताछ
JPSC परीक्षा में गंभीर और अनियमितता की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। CID के सामने फर्जीवाड़े के बड़े सिंडिकेट की परतें खुलती जा रही हैं।
मामले में CID अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान मास्टरमाइंड अभय तिवारी से लगातार 10 दिनों तक पूछताछ की गई।
सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी ने बताया कि परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर हर अभ्यर्थी से 40 से 60 लाख रुपए तक की डील होती थी। इस रकम में ऊपर से नीचे तक जुड़े लोगों का हिस्सा पहले से तय रहता था।
