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झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल किया है.
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से इस मामले में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई. यह मामला ऐसे समय सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. जब झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है.
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना और पूरे मामले की CBI जांच शामिल है. साथ ही JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठ रही है. विवाद की शुरुआत 14वीं JPSC परीक्षा के रिजल्ट और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों से हुई.
अभ्यर्थियों ने कई विसंगतियों पर उठाए थे सवाल
अभ्यर्थियों ने उत्तर कुंजी, मूल्यांकन, OMR और रिजल्ट से जुड़ी कई कथित विसंगतियों पर सवाल उठाए. कुछ अभ्यर्थियों ने अपनी OMR शीट की प्रतियां भी CID को भेजी हैं, जिन्हें मूल OMR से मिलाकर जांच की जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 1,000 सफल अभ्यर्थियों ने अपनी OMR की कॉपी जांच एजेंसी को भेजी है. इसी बीच आंदोलन ने भी कई चरण देखे. छात्रों ने धरना, मार्च और भूख हड़ताल के जरिए सरकार पर दबाव बनाया.