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पांच रंगों का दिखेगा कमाल, राष्ट्रपति भी हुईं इस साड़ी की मुरीद


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Bhagalpur Manjusha Art Saree: भागलपुर की लोक कला मंजूषा अब साड़ियों पर उकेरी जा रही है. जिसे राष्ट्रपति ने भी पहना. मंजूषा गुरु मनोज पंडित द्वारा भेंट की गई इस साड़ी से अंग क्षेत्र की कला को नई पहचान मिलेगी और रोजगार भी बढ़ेगा. यह पौराणिक कला कांजीवरम साड़ियों पर भी दिखेगी.

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भागलपुर: अंग की कला मंजूषा की गौरव वापस लौटने के लिए यहां के कलाकार लगातार काम कर रहे हैं और अब ये राष्ट्रपति भवन तक भी पहुंच गई है. दरअसल, यहां के लोककला को यहां के साड़ियों पर उकेर कर और इसको विदेश तक पहुंचाया जा रहा है. दरअसल, आपको बता दें कि शहर सिल्क के लिए काफी प्रसिद्ध है. सिल्क की बात करने पर रेशमी शहर भागलपुर का नाम सबसे पहले आता है. यह शहर और सिल्क अब एक दूसरे की पहचान बन चुके हैं. देश-विदेश में भी यहां का सिल्क प्रसिद्ध है. यहां के कारीगर धीरे-धीरे इसके डिजाइन में बदलाव के साथ आकर्षक डिजाइन की साड़ियां तैयार करने में लगे हुए हैं.

मंजूषा कला को मिलेगी नई पहचान
साउथ की कांजीवरम साड़ी अब एक स्पेशल डिजाइन के साथ तैयार की जाएगी. अब कांजीवरम साड़ी पर भागलपुर की लोक कला मंजूषा की आकृति उकेरी जा रही है. इतना ही नहीं यहां बनने वाले हरेक साड़ी पर मंजूषा उकेरी जा रही है. हाल ही में राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम आर्टिस्ट इन रेजीडेंसी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद ये साड़ी पहन कर आई थी.

ये साड़ी यहां के मंजूषा गुरु के नाम से प्रसिद्ध मनोज पण्डित के द्वारा भेंट की गई थी. साड़ियों पर मंजूषा उकेरने के बाद यह देखने में ज्यादा आकर्षक लगेगा. दरअसल कांजीवरम डिजाइनिंग पूरी तरह हाथ से किया जाता है. इससे साड़ियों की खूबसूरती काफी बढ़ जाती है. इस नए प्रयोग से साड़ी की खूबसूरती के साथ-साथ यहां का रोजगार भी बढ़ेगा और इससे क्षेत्र की लोक कला को नई पहचान मिलेगी. साड़ी की नई डिजाइन से बड़े पैमाने पर लोक कला का प्रचार होगा.

क्या है मंजूषा कला?
मंजूषा कला अंग क्षेत्र की प्रसिद्ध लोक कला है. यह पौराणिक मान्यताओं पर आधारित है. मंजूषा में ही सती बिहुला अपने पति के प्राण को बचाने के लिए गई थी. मंजूषा खास कर तीन रंगों से उकेरी जाती है. इसमें हरा, नारंगी और पीला रंग होता है. इन रंगों को सुख, समृद्धि और विकास का प्रतीक माना जाता है. भागलपुर जिले के लगभग सभी घरों में मंजूषा कला देखने को मिल जाती है.

About the Author

Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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