पियूष कुमार सिंह | रांची20 मिनट पहले
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“सभी आंदोलनरत छात्रों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। मुझे भी लगा कुछ करना चाहिए। आज दुकान के लिए ढाई सौ प्लेट बिरयानी बनाई थी पर उसे बेचा नहीं। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों को खिला दिया। एक अजब सुकून सा लग रहा है।”
यह बातें राजकुमार ने कही। वो अपने मामा के साथ रांची के लालपुर में बिरयानी की दुकान लगाते हैं और किसी प्रकार से अपना खर्च निकाल पाते हैं। राजकुमार ने बताया कि सब लोग अपने अपने तरीके से छात्रों की मदद में लगे हुए हैं। ऐसे में मैं छात्रों की मदद में जुट गया।
दरअसल, जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ रांची में चल रहे छात्र आंदोलन का शनिवार को 15वां दिन है। धरनास्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों की भीड़ इकट्ठा होते जा रही है।

राजकुमार अपने मामा के साथ रांची के लालपुर में बिरयानी की दुकान लगाते हैं।
आंदोलनरत छात्रों के खाने-पीने का इंतजाम कर रहे लोग
आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में एक ओर जहां अलग-अलग छात्र संगठन, सामाजिक संगठन व अन्य लोग पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग आंदोलनरत छात्रों के खाने-पीने का इंतजाम कर रहे हैं, जिसे देख छात्रों का हौसला बढ़ता जा रहा है और उन्हें अलग हिम्मत व ताकत मिल रही है।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कुछ सामाजिक संगठन ऐसे भी हैं, जो यहां आंदोलन छात्रों के लिए समय-समय पर भोजन पानी की व्यवस्था करवा रहे हैं। ऐसी ही तस्वीर शनिवार सुबह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में दिखाई पड़ी, जहां एक पिता-पुत्री की जोड़ी आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए समोसे लेकर पहुंचे।

सृष्टि ने कहा-पिता से मिले पॉकेट मनी को संभाल कर जमा किया था। आज उसका सही उपयोग हो रहा है।
आंदोलनरत छात्रों की मदद की अपील संजय भगत बिसनेस करते हैं। वो कहते हैं कि पिछले 15 दिनों से छात्रों के संघर्ष को देखते आ रहे हैं। ऐसे में मुझे छात्रों को मदद करने का खयाल आया। उन्होंने बताया कि वे अपनी बेटी सृष्टि के साथ यहां बच्चों के लिए समोसे लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे भी आगे आएं और आंदोलनरत छात्रों की जैसे हो, मदद करें।
छात्रों को समोसे बांट रही सृष्टि ने बताया कि उन्हें स्टूडेंट्स की मदद कर काफी सुख की अनुभूति हो रही है। वे खुद एक छात्र हैं। उन्होंने भी 2023-24 में JSSC की परीक्षा दे रखी है, लेकिन अब तक वे रिजल्ट के इंतजार में ही हैं।
ऐसे में उन्होंने दूसरा रुख अपनाते हुए प्राइवेट जॉब शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पिता से मिले पॉकेट मनी को संभाल कर जमा किया था। आज उसका सही उपयोग हो रहा है।

बबिता अंजली मौत के कुएं में गाड़ी चलाकर अपना व अपने बच्चों का भरण पोषण करती थीं।
लिवर कैंसर से पीड़ित बबीता भी दे रहीं समर्थन वहीं, धरनास्थल पर ओडिशा के सुंदरगढ़ से पहुंचीं बबीता अंजलि भी छात्रों के समर्थन में मौजूद हैं। वो कहतीं हैं हालांकि उनका बच्चा अभी किसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तो नहीं कर रहा है। लेकिन आने वाले भविष्य में वह ऐसी तैयारी जरूर करेगा।
उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि झारखंड में छात्र आंदोलनरत हैं, वे फौरन यहां उनके सपोर्ट के लिए पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि जो छात्रों का दर्द मैं देख पा रही हूं। काश वही दर्द मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी देख पाते और छात्रों की मांगों को पूरा कर देते।
बबिता अंजली मौत के कुएं में गाड़ी चलाकर अपना व अपने बच्चों का भरण पोषण करती थीं। वे आज लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। ऐसे में छात्रों के समर्थन के लिए उनका यहां पहुंचना छात्रों के अंदर दोगुना उत्साह भर रहा है।

राष्ट्रीय परशुराम युवा वाहिनी समिति ने चंदा कर नाश्ते की व्यवस्था की।
चंदा कर छात्रों के लिए नाश्ते की व्यवस्था कर रहे
राष्ट्रीय परशुराम युवा वाहिनी ने शनिवार की सुबह पहली बार धरनास्थल पर बच्चों के बीच नाश्ते का वितरण किया। समिति के अध्यक्ष देवेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि उनकी समिति भी इस आंदोलन का समर्थन करती है। छात्र देश के भविष्य हैं, ऐसे में उनकी समिति द्वारा उनको नाश्ता उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया गया।
उन्होंने कहा कि हमारी समिति के सदस्य चंदा कर इस नाश्ते की व्यवस्था कर रहे हैं। हमलोग अभी फिलहाल इस व्यवस्था को जारी रखेंगे। उन्होंने का कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि राज्य सरकार जल्द बच्चों की मांगों को मान लें और इनके उज्जवल भविष्य को संवारने का काम करें।
पोस्टर सिग्नेचर कर छात्रों ने किया आंदोलन को सपोर्ट वहीं, जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टचार मुक्त अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी मंच में दिनभर गेट के सामने हस्ताक्षर पोस्टर पर छात्र हस्ताक्षर कर अभियान को अपना समर्थन दे रहे हैं।
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‘बातचीत का कोई रास्ता नहीं दिख रहा। विधानसभा का सत्र चल रहा है। हम इंतजार कर रहे हैं कि सरकार बातचीत के लिए बुलाए। हम किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जुड़ना चाहते, लेकिन सभी का नैतिक समर्थन चाहिए।’
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल कर रहे छात्र रूपेश इतना कहते-कहते रुक जाते हैं। इशारे में कहते हैं, ‘गला सूख रहा है, अब और बोल नहीं सकता।’
रूपेश पिछले छह दिन से अनशन पर हैं। वह जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आंदोलन में शामिल हैं। इस आंदोलन में हजारों छात्र शामिल हैं। भारी बारिश के बीच इनका जोश कम नहीं हो रहा है। पढ़िए पूरी खबर…
