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Jharkhand Paper Leak Protest: पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ तो खिलवाड़ है ही उनके परिजनों के लिए भी परेशान करने वाला है. दिल्ली के बाद अब झारखंड के छात्र भी पेपर लीक को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बातचीत करने पर सहमत है
झारखंड में पेपर लीक के विरोध में छात्र प्रदेश का जंतर-मंतर कहे जाने वाले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 14 दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.
झारखंड की राजधानी रांची के स्टेडियम में छात्र आंदोलन की असली वजह है परीक्षा में धांधली, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताएं. झारखंड का जंतर-मंतर कहे जाने वाले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में इसकी शुरुआत 5 जुलाई 2026 यानी झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) के 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के 3 दिन बाद शुरू हुआ. जेडीपीएस की ओर से रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवारों ने 4 गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया था.
14वीं JPSC परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का आरोप है कि पासिंग मार्क्स (कट-ऑफ) तय करने में पारदर्शिता की कमी और गड़बड़ी की गई है. मेरिट लिस्ट पर जिम्मेदार अधिकारियों के हस्ताक्षर तक नहीं थे. इसके अलावा, कथित तौर पर कुछ साथी उम्मीदवारों ने रिजल्ट आने से पहले ही क्वालीफाई होने की बात कही थी. दूसरा आरोप OMR शीट में हेरफेर का है. छात्रों ने प्रारंभिक परीक्षा की OMR शीट में बदलाव और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. छात्रों ने तीसरे आरोप के तौर पर कहा कि ब्लैकलिस्ट कंपनी को ही परीक्षा कराने का ठेका दे दिया गया. परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी लखनऊ की TDPL कंपनी को सौंपी गई थी. छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार ने जिसे हाल ही में ब्लैकलिस्ट किया था, उसी कंपनी को परीक्षा कराने का काम सौंपा गया है. छात्रों का चौथा आरोप है कि जालसाजों ने कुछ उम्मीदवारों को नेपाल, बिहार और बंगाल ले जाकर 135-150 प्रश्न रटवाए, जिनमें से 120 सवाल हूबहू परीक्षा में आए. सेंटर पर नेट बंद कराकर इस पूरी धांधली को अंजाम दिया गया. प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पैसों के दम पर हेरफेर किया गया.
परीक्षाओं में घालमेल के खिलाफ झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 14 दिनों से छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. अब उनकी आवाज दिल्ली तक भी पहुंच गई है. अनशन करने वाले छात्रों में से एक राहुल क्रांति की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस बीच, झारखंड सरकार में भागीदार कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधि से बात की है और उनकी मांगों का समर्थन किया है.
विरोध प्रदर्शनों के केंद्र में झारखंड की सिविल सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप हैं. हर साल झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में लाखों युवा शामिल होते हैं. जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले के बाद जेपीएससी के अध्यक्ष लालबियाक्तलुआंगा (एल.) खियांगते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि, जैसे-जैसे आंदोलन तेज होता जा रहा है, प्रदर्शनकारी अब झारखंड की भर्ती और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि इन व्यवस्थाओं पर लंबे समय से अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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