जौनपुर: बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं अपने साथ कई तरह की बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है. मौसम में नमी बढ़ने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार, पेट संबंधी समस्या, त्वचा रोग और संक्रमण जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी और खानपान पर ध्यान देकर बारिश के मौसम में खुद को फिट और बीमारियों से दूर रखा जा सकता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कुसुम पाण्डेय ने बताया कि बरसात के मौसम में सदियों से चले आ रहे दादी-नानी के घरेलू नुस्खे आज भी काफी उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इन्हें अपनाते समय व्यक्ति की प्रकृति और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है.
बारिश में खानपान पर दें विशेष ध्यान
डॉ. कुसुम पाण्डेय ने बताया कि बारिश के मौसम में सबसे पहले खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए. कोशिश करें कि भोजन हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ हो. इस मौसम में बाहर खुले में रखे खाद्य पदार्थ, कटे हुए फल, चाट, पकौड़ी और लंबे समय से रखा भोजन खाने से बचना चाहिए. साफ पानी पीना बेहद जरूरी है. पानी को उबालकर या उचित तरीके से फिल्टर करके पीने की आदत बनानी चाहिए. इससे दूषित पानी से होने वाली कई समस्याओं से बचाव में मदद मिल सकती है.
हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें
आयुर्वेदिक चिकित्सक के मुताबिक बारिश के दिनों में पाचन तंत्र थोड़ा संवेदनशील हो सकता है. इसलिए बहुत अधिक तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन करने से बचें. भोजन में हल्की और आसानी से पचने वाली चीजों को प्राथमिकता दें. दादी-नानी के नुस्खों में इस्तेमाल होने वाली अदरक, तुलसी, हल्दी और अजवाइन जैसी रसोई की चीजों का इस्तेमाल सामान्य खानपान में किया जा सकता है. हालांकि किसी बीमारी की स्थिति में इन्हें दवा का विकल्प नहीं मानना चाहिए और चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है.
शरीर को सूखा रखें, फंगल इंफेक्शन से बचें
बारिश के दौरान शरीर को सूखा रखना भी उतना ही जरूरी है. गीले कपड़े पहनकर लंबे समय तक न रहें और भीगने के बाद जल्द से जल्द कपड़े बदल लें. पैरों को विशेष रूप से साफ और सूखा रखें, क्योंकि लगातार नमी रहने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है.
इम्युनिटी मजबूत रखने के लिए जरूरी है संतुलित दिनचर्या
डॉ. पाण्डेय का कहना है कि बारिश के मौसम में प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद, नियमित हल्का व्यायाम और संतुलित आहार जरूरी है. बहुत ठंडी चीजों का अत्यधिक सेवन करने से बचना चाहिए. बाहर निकलते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें और भोजन से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएं.
गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से लें सलाह
यदि लगातार बुखार, उल्टी-दस्त, सांस लेने में परेशानी या कोई अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें. बारिश के मौसम में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर स्वस्थ दिनचर्या को बनाए रखा जा सकता है और बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.