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  • 74 Investors Have Died So Far; Dependents Demand Compensation Of Rs 10 Lakh Each; Satyagraha In Front Of Lok Bhavan In Ranchi From Today

रांची51 मिनट पहले

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झारखंड में सहारा इंडिया की विभिन्न योजनाओं में अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके निवेशकों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। राज्य के करीब एक करोड़ निवेशकों के फंसे 32,600 करोड़ रुपए की वापसी की मांग को लेकर 9 अगस्त से रांची में लोकभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू होगा। विश्व भारती जनसेवा संस्थान के बैनर तले होने वाले इस आंदोलन में राज्यभर से हजारों सहारा निवेशकों के रांची पहुंचने की उम्मीद है

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राज्य सरकार हस्तक्षेप कर सहारा से जुड़ी संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कराए और निवेशकों का बकाया पैसा जल्द वापस दिलाए। 2024 के चुनाव से पहले सरकार ने सहारा के हर पीड़ित की राशि वापस कराने का वादा किया था, लेकिन करीब दो साल बीतने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली है।

अबतक ये निवेशक कर चुके आत्महत्या

कृष्णा दास (घाटशिला): 35 वर्षीय कृष्णा दास ने 20 अक्टूबर 2022 को आत्महत्या कर ली। उनकी 1,72,082 रुपए की मैच्योरिटी राशि सहारा में फंसी हुई थी। मामले में थाना में केस संख्या 016/2022 दर्ज है। सुब्रत चटर्जी (धनबाद): कुमारधुबी, धनबाद निवासी 37 वर्षीय सुब्रत ने 4 सितंबर 2020 को आत्महत्या की। उनकी 1,12,774 रुपए की राशि फंसी हुई है। गणेश नोनिया (बोकारो): गोमिया निवासी 44 वर्षीय गणेश नोनिया ने 14 नवंबर 2021 को आत्महत्या कर ली। उनकी 1,60,000 रुपए की जमा पूंजी सहारा में अटकी थी। जानकी देवी (बोकारो): 53 वर्षीय जानकी देवी ने 1 सितंबर 2021 को आत्महत्या की। उनकी 20,36,962 रुपए की मैच्योरिटी राशि सहारा इंडिया में फंसी हुई थी। महादेव राय (पूर्वी सिंहभूम): 77 वर्षीय महादेव राय ने 7 अगस्त 2024 को आत्महत्या कर ली।

5 साल 4 महीने में पैसा डबल के लालच में फंसे

निवेशकों का बड़ा हिस्सा सहारा की तीन प्रमुख कंपनियों की योजनाओं में फंसा हुआ है।आंदोलनकारियों के अनुसार, निवेशकों को 5 साल 4 महीने में पैसा दोगुना करने और मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) के तहत 12% सालाना ब्याज का लालच दिया गया था। निवेश के बदले बाकायदा सर्टिफिकेट भी जारी किए गए, लेकिन अवधि पूरी होने के बाद भी कई निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिली।



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