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भारत कैसे बनेगा विश्‍व गुरु? RSS चीफ मोहन भागवत ने बताया –...


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RSS Chief Mohan Bhagwat: भारत लगातार आगे बढ़ रहा है. 21वीं सदी का भारत हर सेक्‍टर में अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है. अब देश में ही सेमीकंडक्‍टर का भी उत्‍पादन होने लगा है. फाइटर जेट बनाने के लिए भी प्रोजेक्‍ट लॉन्‍च किया गया है. इन सबके बीच में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भारत के विश्‍व गुरु बनने को लेकर बड़ी बात कही है.

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भारत कैसे बनेगा विश्‍व गुरु? RSS चीफ मोहन भागवत ने बतायाZoom

राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने आत्‍मनिर्भर भारत की बात की है. (फोटो – Reuters)

RSS Chief Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत को वास्तविक अर्थों में ‘विश्व गुरु’ बनाने के लिए समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है. मोहन भागवत ने आगे कहा कि देश की प्रगति तभी सार्थक होगी, जब घुमंतू, विमुक्त और आदिवासी समुदायों को सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के समान अवसर मिलें. डॉ. भागवत शनिवार को विदर्भ के खामगांव में परधी आदिवासी बच्चों के आश्रम स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने स्कूल में विकसित अत्याधुनिक सुविधाओं और तीन खेल परिसरों का उद्घाटन किया. इन सुविधाओं का निर्माण ‘श्री सद्गुरु धार्मिक एवं चैरिटेबल ट्रस्ट’ और पुणे स्थित ‘अमानोरा YES फाउंडेशन’ की पहल से किया गया है.

संघ प्रमुख ने कहा कि घुमंतू और विमुक्त समुदायों का भारतीय समाज में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. ये समुदाय एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाकर ज्ञान और अनुभव साझा करते थे, लेकिन समय के साथ वे सामाजिक उपेक्षा का शिकार हो गए. उन्होंने कहा कि इन समुदायों के प्रति बनी उपेक्षा को समाप्त कर उन्हें शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है.

ब्रिटिश राज की साजिश

ब्रिटिश शासन का उल्लेख करते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी के कारण परधी सहित कुछ समुदायों को अंग्रेजों ने ‘अपराधी जनजाति’ के रूप में चिह्नित किया था. उनके मुताबिक, इस ऐतिहासिक परिस्थिति का इन समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास पर गहरा असर पड़ा. उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणों और लंबे समय तक चली गुलामी ने भारतीय समाज को कमजोर और विभाजित किया, लेकिन कई समुदायों ने पराधीनता स्वीकार नहीं की और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष जारी रखा.

छात्राओं को मदद

कार्यक्रम के दौरान डॉ. भागवत ने स्कूल के खेल मैदानों, छात्रावास, रसोईघर और विद्यार्थियों द्वारा विकसित किचन गार्डन का भी निरीक्षण किया. उन्होंने 16 परधी आदिवासी बालिकाओं को 10-10 हजार रुपये के चेक प्रदान किए. साथ ही उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्कूल के पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया. महाराष्ट्र के जनजातीय विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके ने कहा कि सरकार परधी और आदिवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है. श्रम मंत्री आकाश फुंडकर और अमानोरा YES फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक अनिरुद्ध देशपांडे ने भी समुदाय के बच्चों को शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि ऐसे संयुक्त प्रयास बच्चों को प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…

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