भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

उधार के राशन से 969 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिल रहा...



जिले के 969 आंगनबाड़ी केंद्र फंड की कमी के कारण उधार पर चल रहे हैं। अप्रैल से अब तक इन केंद्रों को पोषाहार की राशि नहीं मिली है। इसका सीधा असर जिले के 59,404 नामांकित बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। भास्कर टीम जब ग्रामीण इलाकों के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंची, तो स्थिति काफी चिंताजनक मिली। केंद्र खुले तो थे, लेकिन वहां खाने के पैकेट या राशन का कोई स्टॉक नजर नहीं आया। ​सेविकाओं ने बताया कि अप्रैल से सरकार (विभाग) से एक रुपया भी नहीं आया है। बच्चे प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्र आते हैं। उन्हें भूखा कैसे रखें। हम गांव की ही किराना दुकान से उधार राशन लेकर खिचड़ी और दलिया बनाकर बच्चों को खिला रहे हैं। अब दुकानदार भी उधार देने से मना कर रहे हैं। हमारे ऊपर हजारों रुपए का कर्ज चढ़ गया है। कई सेविकाओं ने कहा कि हमें समय से मानदेय भी नहीं मिलता। ऊपर से बच्चों को खिलाने के लिए हमें खुद ही इंतजाम करना पड़ रहा है। समझ में नहीं आ रहा कि यह कब तक चलेगा। अगर यही हाल रहा, तो हमें केंद्र बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा। सेविकाओं का कहना है कि केंद्र में बच्चों भोजन के लिए सामान की व्यवस्था में जुटे रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए, जिससे बच्चों को परेशानी नहीं हो। यह स्थिति सिर्फ आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों तक ही सीमित नहीं है। जिले की गर्भवती और धात्री महिलाएं भी संकट में हैं। उन्हें मिलने वाला पैकेट बंद पोषाहार जनवरी से ही बंद है। जिले में 3258 गर्भवती महिलाएं और 2231 धात्री महिलाएं हैं। उन्हें पिछले सात महीने से पोषाहार का एक दाना भी नहीं मिला है। ​अस्पताल में चेकअप के लिए आई एक गर्भवती महिला शांति देवी ने बताया कि पोषाहार के लिए वे कई बार आंगनबाड़ी केंद्र गईं, लेकिन वह नहीं मिला। मेरे पति मजदूरी करते हैं। जितना कमाते हैं, उसमें घर का खर्चा ही मुश्किल से चलता है। ​एक अन्य धात्री महिला सुनीता देवी, जो अपनी छह महीने की बच्ची के साथ थीं, ने कहा कि शुरुआत के कुछ महीने पैकेट बंद पोषाहार मिला था। वह काफी मददगार था। लेकिन अब वह भी सात महीने से नहीं मिल रहा है। गर्भवती महिलाओं को सात माह से नहीं मिल रहा पोषाहार पोषाहार की राशि और पैकेट बंद पोषाहार के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही आवंटन प्राप्त हो जाएगा। दोनों ही समस्याएं जल्द दूर होंगी। सविता कुमारी, डीएसडबल्यूओ, लातेहार।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top